भिलाई

लैपटॉप से बाइक-स्कूटी तक… फाइनेंस कराकर किस्तें बंद, भिलाई में 16 लाख की धोखाधड़ी का मामला

Bhilai Fraud Case: भिलाई में फाइनेंस की किस्तें भरने का झांसा देकर कई लोगों के नाम पर करीब 16 लाख रुपए के लैपटॉप, बाइक और स्कूटी फाइनेंस कराने का आरोप है। सुपेला पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।
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Sep 22, 2026
Bhilai Finance Fraud
किस्तें बंद होने पर 16 लाख की ठगी का आरोप (Photo Source- AI Generate)

Bhilai Finance Fraud: फाइनेंस की मासिक किस्तें खुद जमा करने और इसके बदले आर्थिक लाभ देने का भरोसा देकर कई लोगों के नाम पर लैपटॉप, बाइक और स्कूटी फाइनेंस कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सामान और वाहन हासिल करने के बाद संबंधित व्यक्ति ने फाइनेंस की किस्तें जमा करना बंद कर दिया। इससे जिन लोगों के नाम पर फाइनेंस कराया गया था, उनके ऊपर लाखों रुपए की देनदारी आ गई। मामले में सुपेला पुलिस ने जसप्रीत सिंह उर्फ प्रिंस के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता मनीष डहरवाल के मुताबिक अलग-अलग लोगों के नाम पर करीब 16 लाख रुपए के लैपटॉप और वाहनों का फाइनेंस कराया गया था। पुलिस भोजराज राय उर्फ भोजू की भूमिका की भी जांच कर रही है।

Finance Scam: लैपटॉप के लिए मांगी मदद, दो किस्त के बाद भुगतान बंद

पुलिस के अनुसार मनीष डहरवाल वेल्डिंग और फैब्रिकेशन का काम करता है। करीब तीन-चार महीने पहले उसकी पहचान भोजराज राय के माध्यम से जसप्रीत सिंह से हुई थी। आरोप है कि जसप्रीत ने अपना काम शुरू करने के लिए लैपटॉप की जरूरत बताई और मनीष से उसके नाम पर लैपटॉप फाइनेंस कराने का आग्रह किया। जसप्रीत ने भरोसा दिलाया कि लैपटॉप की मासिक किस्तें वह खुद जमा करेगा और इसके बदले मनीष को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। भरोसे में आकर मनीष ने अपने नाम पर लैपटॉप फाइनेंस कराया और उसे जसप्रीत को दे दिया। शिकायत के मुताबिक आरोपी ने शुरुआत में दो किस्तें जमा कीं, लेकिन इसके बाद भुगतान बंद कर दिया।

कई लोगों के नाम पर कराए बाइक और स्कूटी फाइनेंस

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसी तरह अन्य लोगों को भी भरोसे में लेकर उनके नाम पर वाहन फाइनेंस कराए गए। कविता ठाकुर के नाम पर एक स्कूटी फाइनेंस कराई गई थी। इसमें केवल एक किस्त जमा होने के बाद भुगतान बंद हो गया। इसी तरह तरुण दास बंजारे के नाम पर बाइक फाइनेंस कराई गई। शिकायत के मुताबिक उसकी तीन किस्तें जमा करने के बाद आरोपी ने आगे भुगतान नहीं किया। इसके बाद फाइनेंस की देनदारी संबंधित व्यक्ति के नाम पर बनी रही।

एक व्यक्ति के नाम पर बाइक और दो स्कूटी

पुलिस को दी गई शिकायत में पीयूष धुर्वे ने बताया कि उसके नाम पर एक बाइक और दो स्कूटी फाइनेंस कराकर जसप्रीत को दी गईं। वहीं संगीत कुमार के नाम पर भी एक बाइक और दो स्कूटी फाइनेंस कराने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक वाहन और लैपटॉप लेने के बाद आरोपी ने फाइनेंस की किस्तें जमा करना बंद कर दिया। जब संबंधित लोगों ने उससे किस्तें भरने या सामान-वाहन वापस करने के लिए कहा तो कथित तौर पर वह टालमटोल करता रहा।

राशि और सामान मांगने पर नहीं मिला संतोषजनक जवाब

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कई बार जसप्रीत से संपर्क करने और बकाया राशि या सामान वापस मांगने का प्रयास किया गया। लेकिन वह लगातार टालता रहा। कुछ मौकों पर उसके घर पर पहुंचने पर भी उसके नहीं मिलने की बात शिकायत में कही गई है। किस्तों का भुगतान नहीं होने से फाइनेंस कंपनियों की देनदारी उन लोगों के नाम पर आ गई, जिनके दस्तावेजों से वाहन या सामान फाइनेंस कराया गया था। इसके बाद प्रभावित लोगों ने पुलिस से शिकायत की।

पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का केस

सुपेला पुलिस ने शिकायत के आधार पर जसप्रीत सिंह उर्फ प्रिंस के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फाइनेंस कराए गए सामान और वाहनों से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस पूरे मामले में कितने लोगों के नाम पर फाइनेंस कराया गया और कुल कितनी राशि की देनदारी बनी है। शिकायत में भोजराज राय उर्फ भोजू की भूमिका का भी उल्लेख है, इसलिए पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है। जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
22 Sept 2026 03:52 pm
Published on:
22 Sept 2026 03:52 pm