भिलाई

Bhilai BJP Drama: भाजपा में जलेबी-समोसे पर बवाल! वायरल ऑडियो ने खोली संगठन की अंदरूनी खींचतान

BJP Internal Dispute: भिलाई जिला भाजपा में कार्यक्रम की नाश्ता व्यवस्था को लेकर जिलाध्यक्ष और अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष के बीच हुई तीखी बहस का ऑडियो वायरल हो गया।
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Aug 01, 2026
Bhilai BJP Drama
भाजपा में जलेबी-समोसे पर बवाल (photo source- AI)

Bhilai BJP Drama: भारतीय जनता पार्टी के भिलाई जिला संगठन में कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर हुई बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद संगठन के भीतर खींचतान खुलकर सामने आ गई है। वायरल ऑडियो में जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन और अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष खगेश कोसरिया के बीच कार्यक्रम में नाश्ते और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर तीखी बहस सुनाई दे रही है। मामला तूल पकडऩे के बाद पार्टी के जिला और संभाग प्रभारी को भिलाई पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा।

Political Audio Viral: विपक्ष ने साधा निशाना, नेताओं ने साधी चुप्पी

विवाद सामने आने के बाद कांग्रेस ने वायरल ऑडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए भाजपा के भीतर चल रहे मतभेदों पर निशाना साधा। भाजपा कार्यालय में बैठक समाप्त होने के बाद संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी और जिलाध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत करने से परहेज किया।

डैमेज कंट्रोल के लिए हुई बंद कमरे में बैठक

ऑडियो वायरल होने के बाद भाजपा के भिलाई जिला प्रभारी रामजी भारती और संभाग प्रभारी जगन्नाथ पाणीग्रही शुक्रवार शाम भाजपा कार्यालय पहुंचे। दोनों नेताओं ने जिलाध्यक्ष और मोर्चा अध्यक्ष के साथ लंबी बैठक कर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की।

खर्च को लेकर बनी तकरार

ऑडियो के अनुसार जिलाध्यक्ष ने मोर्चा के कार्यक्रम में आने वाले अतिथि विधायक के लिए पैक्ड नाश्ता, पानी की बोतल, फूलों का गुलदस्ता और हार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इस पर खगेश कोसरिया ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए जलेबी-समोसा और फूलों की व्यवस्था करने की बात कही। यह सुझाव जिलाध्यक्ष को स्वीकार नहीं हुआ और उन्होंने कहा कि कार्यक्रम पहले की तरह उसी स्तर का होना चाहिए, केवल जलेबी-समोसे से काम नहीं चलेगा।

Bhilai BJP District President: बात इस्तीफे तक पहुंची

बातचीत के दौरान जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि उन्होंने पहले दो कार्यक्रमों में लाखों रुपए खर्च किए हैं और इसके लिए किसी से आर्थिक सहयोग नहीं लिया। जवाब में खगेश कोसरिया ने स्पष्ट कहा कि वे निजी धन लगाकर कार्यक्रम नहीं करा सकते। इस पर जिलाध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि मोर्चा जिम्मेदारी निभाने में सक्षम नहीं है तो लिखित में दे दें, सार्वजनिक रूप से इसकी घोषणा कर दी जाएगी और आवश्यकता पड़े तो पद छोड़ सकते हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि ऐसी स्थिति में कार्यक्रम में आने की भी जरूरत नहीं है।

Updated on:
01 Aug 2026 01:40 pm
Published on:
01 Aug 2026 01:40 pm