
Flue Dust Shifting Scam: भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में 250 टन लौह स्क्रैप चोरी के मामले में प्रबंधन ने ठेकेदार हिमांशु ब्रदर्स पर कार्रवाई करते हुए उसका ठेका शॉर्ट क्लोज कर दिया है। फ्लू डस्ट शिफ्टिंग के इस काम के लिए अब दूसरी एजेंसी को ठेका दिया गया है। पुलिस और प्रबंधन की जांच में सामने आए तथ्यों के बाद यह कार्रवाई की गई है। हिमांशु ब्रदर्स को ब्लास्ट फर्नेस-8 से फ्लू डस्ट को मगडम में शिफ्ट करने और वहां से बाहर भेजने का काम मिला था।
जांच में सामने आया कि फ्लू डस्ट को मगडम से आरडीके इंडस्ट्री के यार्ड में भेजने के बजाय कथित तौर पर अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स में पहुंचाया जा रहा था। पुलिस जांच में हिमांशु ब्रदर्स और ट्रांसपोर्टर से जुड़े लोगों की भूमिका भी सामने आई है।
जांच के अनुसार मगडम से आरडीके इंडस्ट्री के यार्ड के नाम पर बिल्टी बनाई जाती थी, लेकिन फ्लू डस्ट को कथित तौर पर ट्रांसपोर्टर संजय सिंह के बताए स्थान पर भेजा जाता था। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान हिमांशु ब्रदर्स के नाम से दर्ज एक वाहन भी जब्त किया है। इस वाहन का इस्तेमाल कोक की लोडिंग में होने की बात सामने आई है।
बीएसपी प्रबंधन ने हिमांशु ब्रदर्स का पूरा ठेका शॉर्ट क्लोज कर दिया है। इसी काम के लिए नया टेंडर जारी कर दूसरी एजेंसी को जिम्मेदारी दी गई है। सूत्रों के अनुसार साईं एसोसिएट के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए उसे काम से बाहर किया गया है।
26 मई को दुर्ग एटीएस और भिलाई-3 पुलिस ने अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स में छापा मारकर करीब 250 टन बीएसपी का लौह स्क्रैप जब्त किया था। मामले में बीएसपी अधिकारी, एसोसिएट इंजीनियर, ट्रांसपोर्टर सहित 17 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। बीएसपी में ठेका चलाने वाले फरार आरोपियों की एजेंसियों को ब्लॉक कराने और उनके बैंक खातों को फ्रीज करने के लिए पत्राचार किया गया है। मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है-विजय अग्रवाल, एसएसपी, दुर्ग
फ्लू डस्ट स्टील उत्पादन प्रक्रिया के दौरान निकलने वाला एक उप-उत्पाद है, जिसमें लोहे के कण मौजूद होते हैं। इसे औद्योगिक प्रक्रिया के तहत सुरक्षित तरीके से संग्रहित और निस्तारित किया जाता है। इसकी कीमत और उपयोगिता के कारण इसकी निगरानी बेहद महत्वपूर्ण होती है।