PM Awas Yojana: पीएम आवास योजना की राशि लेकर मकान नहीं बनाने वाले 806 हितग्राहियों पर अब सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। सीईओ ने केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं..
PM Awas Yojana: प्रधानमंत्री अवास योजना (ग्रामीण) की किस्त लेकर निर्माण कार्य शुरू न करने वाले 806 हितग्राहियों पर अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ( Bhilai News ) जिला पंचायत सीईओ बजरंग दुबे ने ऐसे डिफाल्टर हितग्राहियों पर राजस्व वसूली की नोटिस जारी कर प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को 31 मई तक 1084 ग्रामीण अवासों का निर्माण हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य भी दिया है।
यह निर्देश जिला पंचायत के सभाकक्ष में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं - प्रधानमंत्री अवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए। बैठक में जिले के सभी जनपद पंचायतों के सीईओ, सहायक परियोजना अधिकारी, जिला समन्वयक व सहायक अभियंता उपस्थित रहे। समीक्षा में सामने आया कि जिले को आगामी 31 मई तक कुल 1084 ग्रामीण अवास पूर्ण करने का लक्ष्य मिला है। इसमें धमधा जनपद पंचायत को 174, दुर्ग को 483 और पाटन को 427 अवास पूरे करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले 20 दिनों में जिलेभर में केवल 284 आवास ही पूर्ण हो सके हैं, जिस पर सीईओ बजरंग दुबे ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। सीईओ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान 806 हितग्राहियों के बैंक खातों में आवास की पहली किस्त की राशि जारी की जा चुकी है, लेकिन उन्होंने आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया। कई मामलों में सरकारी राशि के व्यक्तिगत दुरुपयोग की शिकायतें भी मिली हैं। सीईओ ने जनपद प्रभारियों को अल्टीमेटम दिया है कि ऐसे सभी डिफाल्टर हितग्राहियों को नोटिस जारी कर 7 दिवस के भीतर आरआरसी प्रकरण दर्ज करें।
बैठक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए वुमेन लेड एंटरप्राइज फाइनेंस पहल की विस्तृत जानकारी दी गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को स्वरोजगार और उनके छोटे व्यवसायों के विस्तार के लिए 50 हजार से लेकर 5 लाख तक का आसान बैंक ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले को 1,000 महिला उद्यमियों को तैयार करने का लक्ष्य मिला है।
ग्रामीण विकास को गति देने के लिए सीईओ दुबे ने मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में मांग आधारित निर्माण कार्यों को तत्काल प्रारंभ करने तथा 15 जून तक सभी स्वीकृत कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गांवों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नए शौचालयों के निर्माण व प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट्स के नियमित संचालन की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।