
Chhattisgarh Weather Alert: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले तीन दिनों तक दुर्ग समेत प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। वहीं, 8 अगस्त से बारिश की तीव्रता बढ़ने के संकेत दिए गए हैं। इसके साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक, वज्रपात और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है।
दुर्ग जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान 45.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश से मौसम सुहावना हो गया, हालांकि दिनभर उमस बनी रही। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे और धूप नहीं निकली।
रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा के अनुसार, वर्तमान में मानसूनी द्रोणिका श्रीगंगानगर, रोहतक, शाहजहांपुर, सुल्तानपुर, गया और बांका होते हुए पूर्वोत्तर की ओर बनी हुई है। इसके अलावा उत्तर-पूर्व बिहार तथा उससे लगे पश्चिम बंगाल और सिक्किम के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं और 8 अगस्त से इनमें और तेजी आने की संभावना है।
मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
एक जून से पांच अगस्त तक दुर्ग जिले में औसतन 501 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान सबसे अधिक 620.7 मिमी बारिश पाटन तहसील में हुई, जबकि सबसे कम 346.1 मिमी वर्षा धमधा में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा दुर्ग में 564 मिमी, बोरी में 561.1 मिमी, भिलाई-3 में 517.1 मिमी और अहिवारा में 396.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। बुधवार को भिलाई-3 में 28.9 मिमी, धमधा में 24.9 मिमी और दुर्ग में 14.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने, बिजली चमकने के समय खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।