भिलाई

Cyber Fraud: दुर्ग में ‘म्यूल अकाउंट’ रैकेट बेनकाब, 300 से ज्यादा खातों से करोड़ों का ट्रांजेक्शन, ऐसे फंसे लोग

Fraud News: जांच में सामने आया है कि कुछ लोग मामूली कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते ठगों को सौंप देते हैं। ठग इनका इस्तेमाल अवैध लेनदेन व साइबर धोखाधड़ी के लिए करते हैं...
2 min read
Apr 21, 2026
Cyber fraud
Demo pic

Cyber Fraud: दुर्ग जिले में साइबर ठगी का जाल अब ‘म्यूल अकाउंट’ के जरिए संगठित रूप ले चुका है। मामूली कमीशन या लालच देकर लोगों के बैंक खातों का उपयोग अवैध लेनदेन के लिए किया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जिले में सैकड़ों बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपए की ठगी को अंजाम दिया गया।

मोहन नगर, सुपेला, वैशाली नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों में 300 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल सामने आया है। मोहन नगर के एक मामले में 111 खातों के जरिए बड़े स्तर पर ऑनलाइन ठगी हुई। एक अन्य प्रकरण में 22 खातों से 10 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी दर्ज की गई। सुपेला क्षेत्र में 105 खातों के जरिए एक करोड़ रुपए से ज्यादा का फर्जी ट्रांजेक्शन हुआ। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि नेटवर्क बेहद संगठित और व्यापक है।

ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग से जुड़ा नेटवर्क

वैशाली नगर क्षेत्र में 111 खातों के जरिए करीब 22 लाख रुपए का संदिग्ध लेनदेन सामने आया, जिसे ऑनलाइन गेमिंग और साइबर फ्रॉड से जोड़ा गया है। पद्मनाभपुर में भी फर्जी तरीके से खाते खुलवाकर अवैध ट्रांजेक्शन किए जाने के मामले सामने आए हैं।

11.84 करोड़ रुपए बैंक में होल्ड

दुर्ग पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 11 करोड़ 84 लाख 46 हजार 761 रुपए बैंक खातों में होल्ड कराए हैं, जबकि 6 करोड़ 90 लाख 48 हजार 927 रुपए कोर्ट के माध्यम से फ्रीज कराए गए है।

सावधानी ही बचाव

  • किसी को भी अपना बैंक खाता या एटीएम उपयोग के लिए न दें
  • कमीशन या आसान कमाई के लालच से बचें
  • संदिग्ध ट्रांजेक्शन तुरंत बैंक और पुलिस को बताएं

लेयर सिस्टम से जांच में चुनौती

साइबर ठग खातों का उपयोग कई स्तर (लेयर) में करते हैं, जिससे रकम को तेजी से एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर कर ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है। पुलिस अक्सर शुरुआती एक-दो लेयर तक पहुंचती है, लेकिन मुख्य सरगना तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है।

खाताधारक भी बन रहे आरोपी

जांच में सामने आया है कि कुछ लोग मामूली कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते ठगों को सौंप देते हैं। ठग इनका इस्तेमाल अवैध लेनदेन व साइबर धोखाधड़ी के लिए करते हैं। जब मामला उजागर होता है, तो संबंधित खाताधारक ही आरोपी बन जाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपने बैंक खातों की जानकारी किसी के साथ साझा न करने की अपील की है।

तीन साल का आंकड़ा (राशि रुपए में)

  • 2024 होल्ड - 49,43,849 7 कोर्ट ऑर्डर - 1,70,70,308
  • 2025 होल्ड - 5,53,10,437 7 कोर्ट ऑर्डर - 4,18,02,969
  • 2026 होल्ड - 1,31,92,475 7 कोर्ट ऑर्डर - 1,01,75,650

विजय अग्रवाल, एसएसपी के मुताबिक, म्यूल अकाउंट साइबर अपराध की रीढ़ बनते जा रहे हैं। ऐसे मामलों में खाताधारकों की भूमिका भी संदिग्ध होती है, इसलिए जागरूकता और सख्त कार्रवाई दोनों जरूरी हैं। पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।

Updated on:
21 Apr 2026 03:28 pm
Published on:
21 Apr 2026 03:28 pm