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भिलाई से कुथरेल तक पावर बूस्ट! 355 एमवीए क्षमता बढ़ने से मजबूत होगा छत्तीसगढ़ का ट्रांसमिशन नेटवर्क

Transmission Infrastructure: छत्तीसगढ़ में बिजली प्रसारण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए CSPTCL ने भिलाई और कुठरेल (धरसीवां) के 220/132 केवी सबस्टेशनों की क्षमता में कुल 355 एमवीए की बढ़ोतरी की है।

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Jun 12, 2026
Chhattisgarh Power Grid
छत्तीसगढ़ की बिजली व्यवस्था को बड़ी मजबूती (photo source- Patrika)

Chhattisgarh Power: छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास, शहरीकरण और बढ़ती बिजली खपत को देखते हुए राज्य की विद्युत प्रसारण व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (CSPTCL) ने महत्वपूर्ण पहल की है। कंपनी ने भिलाई और कुथरेल (धरसीवां) स्थित 220/132 केवी सबस्टेशनों की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए राज्य के ट्रांसमिशन नेटवर्क में कुल 355 एमवीए अतिरिक्त क्षमता जोड़ी है। इस विस्तार से न केवल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी, बल्कि घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी अधिक विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवा उपलब्ध हो सकेगी।

Bhilai Substation Upgrade: प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने किया नए ट्रांसफार्मरों का लोकार्पण

CSPTCL के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने भिलाई और कुथरेल सबस्टेशनों में नए 160 एमवीए क्षमता वाले पावर ट्रांसफार्मरों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कंपनी राज्य में एक आधुनिक, मजबूत और विश्वसनीय विद्युत प्रसारण प्रणाली विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही बिजली मांग को देखते हुए ट्रांसमिशन नेटवर्क को समय-समय पर उन्नत करना आवश्यक है। यही कारण है कि CSPTCL लगातार नई परियोजनाओं पर काम कर रही है ताकि उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जा सके।

भिलाई सबस्टेशन की क्षमता बढ़ी, कई जिलों को मिलेगा लाभ

125 एमवीए से बढ़ाकर 160 एमवीए किया गया ट्रांसफार्मर: 220/132 केवी भिलाई सबस्टेशन में पहले से स्थापित 125 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर को अपग्रेड कर 160 एमवीए क्षमता का बनाया गया है। इस विस्तार से सबस्टेशन की बिजली वहन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस परियोजना के पूरा होने से भिलाई और आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और अधिक स्थिर एवं भरोसेमंद होगी। इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और घरेलू उपभोक्ताओं को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी।

इन क्षेत्रों को होगा सीधा फायदा

अधिकारियों के अनुसार इस उन्नयन का लाभ मुख्य रूप से निम्न क्षेत्रों रायपुर, दुर्ग, भिलाई, गुरूर, बालोद आसपास के अन्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र को मिलेगा। नई क्षमता के कारण ट्रांसमिशन नेटवर्क पर पड़ने वाला अतिरिक्त भार संतुलित किया जा सकेगा, जिससे ओवरलोडिंग की संभावना कम होगी और बिजली आपूर्ति में व्यवधान घटेंगे।

Chhattisgarh power system: बिजली आपूर्ति होगी अधिक स्थिर और सुरक्षित

विशेषज्ञों का कहना है कि सबस्टेशन की क्षमता बढ़ने से ट्रांसमिशन नेटवर्क में लोड का बेहतर वितरण संभव होगा। इससे वोल्टेज प्रोफाइल में सुधार होगा, बिजली कटौती की संभावनाएं कम होंगी, ओवरलोडिंग की समस्या पर नियंत्रण मिलेगा, भविष्य की औद्योगिक परियोजनाओं को पर्याप्त ट्रांसमिशन समर्थन मिलेगा, शहरी विस्तार और नई आवासीय परियोजनाओं को भी लाभ मिलेगा।

कुठरेल सबस्टेशन बना रायपुर का चौथा सबसे बड़ा 220 केवी सबस्टेशन

नई 160 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर से बड़ा विस्तार: धरसीवां औद्योगिक क्षेत्र स्थित 220/132 केवी कुथरेल सबस्टेशन में भी 160 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। इसके साथ ही इस सबस्टेशन की कुल क्षमता बढ़कर 480 एमवीए हो गई है। इस विस्तार के बाद कुथरेल सबस्टेशन रायपुर क्षेत्र का चौथा सबसे बड़ा 220 केवी सबस्टेशन बन गया है।

उरला, सिलतरा और बोरझरा की श्रेणी में शामिल हुआ कुठरेल

नई क्षमता मिलने के बाद कुठरेल सबस्टेशन अब रायपुर के प्रमुख उच्च क्षमता वाले सबस्टेशनों की सूची में शामिल हो गया है। वर्तमान में उरला – 480 एमवीए, सिलतरा – 480 एमवीए, बोरझरा – 480 एमवीए, कुथरेल – 480 एमवीए। सभी प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को मजबूत ट्रांसमिशन सपोर्ट उपलब्ध कराने में ये सबस्टेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

धरसीवां औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगा बड़ा फायदा

धरसीवां क्षेत्र छत्तीसगढ़ के सबसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में उद्योग संचालित हैं और लगातार नए निवेश भी आ रहे हैं। वहीं कुथरेल सबस्टेशन की क्षमता बढ़ने से उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी, उत्पादन क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलेगी, नए उद्योगों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध होगी, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और आवासीय क्षेत्रों को भी बेहतर बिजली सेवा मिलेगी, गर्मियों के दौरान बढ़ने वाले पीक लोड को आसानी से संभाला जा सकेगा।

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया विस्तार

CSPTCL अधिकारियों का कहना है कि राज्य में तेजी से बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों और शहरीकरण को देखते हुए बिजली की मांग आने वाले वर्षों में और अधिक बढ़ने वाली है। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए यह विस्तार कार्य किया गया है। इससे न केवल वर्तमान मांग पूरी होगी बल्कि भविष्य में आने वाली अतिरिक्त बिजली आवश्यकता को भी आसानी से संभाला जा सकेगा।

Power Transformer: कर्मचारियों और इंजीनियरों की सराहना

इस अवसर पर प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले इंजीनियरों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि टीम के समर्पण और तकनीकी दक्षता के कारण ही इस तरह की महत्वपूर्ण परियोजनाएं समय पर पूरी हो पा रही हैं।

समारोह में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान CSPTCL के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
मुख्य अभियंता (सबस्टेशन) अब्राहम वर्गीज, मुख्य अभियंता (सिविल) संजय तिवारी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता आर.के. तिवारी, कार्यपालन अभियंता (सबस्टेशन) जितेंद्र कुमार झा, कार्यपालन अभियंता (टेस्टिंग डिवीजन) कामनजय सिन्हा, CSPTCL एवं CSPDCL के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी।

Updated on:
12 Jun 2026 03:25 pm
Published on:
12 Jun 2026 03:14 pm