
GST Raid: छत्तीसगढ़ में स्टेट जीएसटी विभाग ने हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सोमवार को करीब 25 सदस्यीय टीम ने भिलाई स्थित कंपनी कार्यालय और बलौदाबाजार यार्ड में एक साथ छापेमारी की। करीब 10 घंटे तक चली जांच में अधिकारियों ने वित्तीय दस्तावेजों के साथ इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी खंगाले। तलाशी के दौरान कथित तौर पर बोगस बिलिंग, कच्चे में लेन-देन और कैश कारोबार से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। टीम ने कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जब्त किए हैं। अब इनकी विस्तृत जांच के बाद संभावित टैक्स चोरी और देनदारी का आकलन किया जाएगा।
स्टेट जीएसटी की टीम ने भिलाई के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कंपनी के कार्यालय में खरीद-बिक्री, भुगतान, लेन-देन और अन्य वित्तीय दस्तावेज खंगाले। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और कारोबारी गतिविधियों से संबंधित डिजिटल जानकारी का बैकअप भी लिया गया। बलौदाबाजार स्थित यार्ड से पुराने रजिस्टर, वाहन खरीदी से जुड़े दस्तावेज, टैक्स रसीदें और विभिन्न कंपनियों में अटैच वाहनों का विवरण भी टीम ने जुटाया।
जीएसटी विभाग को कंपनी के खिलाफ लंबे समय से टैक्स चोरी की शिकायतें मिलने की बात सामने आई है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कंपनी कारोबार में वृद्धि के बावजूद नुकसान दिखाकर कम टैक्स जमा कर रही है। वहीं, कंपनी के पास 1500 से अधिक ट्रकों के संचालन की जानकारी है। ऐसे में जीएसटी अधिकारी कंपनी के वाहनों की संख्या, पंजीयन और वास्तविक कारोबार के बीच तालमेल की भी जांच कर रहे हैं।
हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी का कारोबार छत्तीसगढ़ की खदानों और भिलाई स्टील प्लांट के अलावा देश के अन्य हिस्सों तक फैला बताया जा रहा है। कंपनी के बेड़े में ट्रक, डंपर और बड़े ट्रेलर शामिल हैं। अधिकारियों ने कंपनी के संचालक से वाहनों के पंजीयन, उनकी संख्या और कारोबार से संबंधित अन्य जानकारी मांगी है।
तलाशी के दौरान अधिकारियों को कथित तौर पर बोगस बिलिंग, कच्चे में लेन-देन और कैश कारोबार से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद ही संभावित टैक्स चोरी की राशि और कंपनी की वास्तविक देनदारी का आकलन किया जाएगा।
जीएसटी विभाग को कंपनी के वाहनों से संबंधित एक और शिकायत मिली है। इसमें आरोप लगाया गया है कि भिलाई, बलौदाबाजार समेत कई जिलों में एक ही पंजीयन नंबर से कई ट्रकों का संचालन किया जा रहा था। जीएसटी टीम अब वाहनों के पंजीयन, संचालन, बिलिंग और संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर रही है। इसके लिए संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों से भी जानकारी लेने की तैयारी है।
जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक प्राथमिक जांच में कुछ अनियमितताएं सामने आई हैं। हालांकि, टैक्स चोरी की वास्तविक राशि और संभावित देनदारी का निर्धारण दस्तावेजों की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही किया जाएगा। फिलहाल विभाग कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड और कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच में जुटा है।