
Chhattisgarh News: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय का नया परिसर अब बायोफिलिक इकोलॉजिकल अपलिफ्टमेंट मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इस मॉडल का उद्देश्य ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है, जहां आधुनिक अधोसंरचना के साथ प्रकृति का संतुलित समावेश हो। विवि का लक्ष्य विद्यार्थियों को हरियाली, खुले वातावरण और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाओं के बीच गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए परिसर को सौंदर्यीकरण, जल संरक्षण, हरित विकास और आधुनिक सार्वजनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
परिसर में बड़े ओपन एयर थिएटर का निर्माण होगा, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाटक, संगीत समारोह, दीक्षांत समारोह और वार्षिक उत्सव आयोजित किए जा सकेंगे। इसके साथ ही विशाल फेस्टिवल प्लाजा भी बनाया जाएगा, जो विवि के बड़े आयोजनों का प्रमुख केंद्र होगा।
छात्रों और शिक्षकों के लिए अलग साइकिल ट्रैक तथा पैदल चलने के लिए वॉकिंग कॉरिडोर बनाए जाएंगे। हरियाली से घिरे इन मार्गों के बीच छोटे आकर्षक पुल भी तैयार किए जाएंगे। इससे परिसर में सुरक्षित, प्रदूषणमुक्त और स्वास्थ्यवर्धक परिवहन संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
विद्यार्थियों के लिए बड़े ग्रीन लॉन, खुले बैठने के स्थान, गज़ेबो, मंडप और छायादार विश्राम स्थल विकसित किए जाएंगे। इन स्थानों पर छात्र अध्ययन, समूह चर्चा और अकादमिक गतिविधियां प्राकृतिक वातावरण में कर सकेंगे। पूरे परिसर की डिजाइन इस प्रकार तैयार की जाएगी कि पढ़ाई के साथ मानसिक सुकून और सकारात्मक माहौल भी मिल सके।
विश्वविद्यालय ने परियोजना के लिए ऐसे संस्थानों और कंपनियों से रुचि की अभिव्यक्ति(ईओआई) आमंत्रित की है, जिन्हें बड़े स्तर पर परिसर विकास और लैंडस्केपिंग का अनुभव हो। यह बहु-करोड़ रुपए की परियोजना चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। योजना के पूर्ण होने पर हेमचंद यादव विवि का नया परिसर प्रदेश के सबसे आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और आकर्षक विवि परिसरों में शामिल हो सकता है।
परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। वर्षा जल संरक्षण प्रणाली, आधुनिक सिंचाई व्यवस्था और सौर ऊर्जा संचालित प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके अलावा घने पौधरोपण के माध्यम से धूल और प्रदूषण कम करने और परिसर के सूक्ष्म पर्यावरण को बेहतर बनाने की योजना भी शामिल है। विभिन्न स्थानों पर कलात्मक मूर्तियां और थीम आधारित सजावटी संरचनाएं भी स्थापित की जाएंगी।
प्रस्तावित योजना के तहत विवि में भव्य मुख्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। प्रवेश क्षेत्र को आकर्षक लाइटिंग, सजावटी पौधों और आधुनिक लैंडस्केपिंग से विकसित किया जाएगा। परिसर की सड़कें हरियाली से आच्छादित होंगी तथा विभिन्न स्थानों पर थीम आधारित उद्यान तैयार किए जाएंगे, जिससे पूरे कैंपस को विशिष्ट पहचान मिल सके।
परिसर की विशेषता इसकी जल संरचनाएं होंगी। योजना में कृत्रिम झील, कमल तालाब, फव्वारे, छोटे-छोटे वाटरफॉल विकसित करने का प्रस्ताव है। इन स्थानों के आसपास बैठने और भ्रमण की व्यवस्था भी रहेगी, जिससे परिसर का वातावरण शांत, आकर्षक और प्रकृति के करीब महसूस होगा।