Bhilai IPL Betting: हैदराबाद में चल रहे Indian Premier League सट्टे के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। भिलाई के युवकों द्वारा संचालित नेटवर्क में पुलिस ने 14 सटोरियों को गिरफ्तार किया है।
Online Cricket Betting: आईपीएल के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें भिलाई के युवकों का हैदराबाद कनेक्शन सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पैनल से जुड़े 14 सटोरियों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि बैंक खाते, सिम कार्ड, पासबुक, एटीएम और चेकबुक के जरिए करोड़ों रुपये के लेनदेन का खेल चल रहा था।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती कार्रवाई में चरोदा निवासी जावेद अख्तर और आभास जायसवाल को बैंक खातों के साथ पकड़ा गया था। पूछताछ में दोनों ने कई अहम खुलासे किए। आरोपियों ने बताया कि वे स्लम एरिया और अन्य लोगों से संपर्क कर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी में किया जाता था।
जांच में सामने आया कि नए सिम कार्ड लेकर बैंक पासबुक, एटीएम और चेकबुक को ढांचा भवन, कुरूद जामुल निवासी कुणाल वर्मा को करीब 25 हजार रुपये प्रति पासबुक के हिसाब से बेचा जाता था। कुणाल वर्मा इन बैंकिंग दस्तावेजों का इस्तेमाल ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे में लेनदेन, डिपॉजिट और विड्रॉल के लिए करता था।
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि कुणाल वर्मा ‘शॉर्ट स्पोर्ट’ नामक एक पैनल संचालित करता था, जिसके जरिए ऑनलाइन आईपीएल सट्टा खिलाया जाता था। इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई युवकों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया था।
पूछताछ के दौरान कुणाल वर्मा ने बताया कि हैदराबाद के अल्फापुरम एसएस रेजीडेंसी और शमसाबाद के नक्षत्र सोसायटी जैसे ठिकानों से ऑनलाइन सट्टा ऑपरेट किया जा रहा था। यहां स्थानीय युवकों को ले जाकर सट्टे के काम में लगाया जाता था।
छत्तीसगढ़ पुलिस और स्थानीय पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही बैंक खातों के जरिए हुए लेनदेन की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे सट्टा नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके। आईपीएल के नाम पर चल रहे इस बड़े सट्टा रैकेट के खुलासे ने एक बार फिर ऑनलाइन बेटिंग के बढ़ते नेटवर्क और युवाओं की इसमें बढ़ती संलिप्तता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।