भिलाई

महापौर चुनाव लडऩे वाले पांच प्रत्याशियों को निर्वाचन आयोग ने ६ साल के लिए कर दिया अयोग्य

पिछले विधान सभा सहित लोकसभा और नगर पालिक निगम का चुनाव लडऩे वाले कई प्रत्याशियों को निवार्चन आयोग से छह साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है।

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Oct 25, 2018
#cgelection2018
जानिए किन प्रत्याशियों को निवार्चन आयोग ने छह साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया

भिलाई. पिछले विधान सभा सहित लोकसभा और नगर पालिक निगम का चुनाव लडऩे वाले कई प्रत्याशियों को निवार्चन आयोग से छह साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। ऐसे लोग आगामी छह साल तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इनमें सबसे ज्यादा भिलाई नगर पालिक निगम में बतौर महापौर प्रत्याशी चुनाव लडऩे वाले पांच लोग शामिल हैं।

एनसीपी, सीपीआई जैसी राष्ट्रीय पार्टियों के प्रत्याशी भी शामिल

बता दें कि विधानसभा, लोकसभा और नगर पालिक निगम चुनाव लडऩे के बाद सभी प्रत्याशियों को खर्च का व्यौरा देना अनिवार्य है। पिछले चुनाव के खर्च का ब्यौरा नहीं देने वाले इस बार चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। खर्च का ब्यौरा नहीं देने के कारण राज्य निर्वाचन आयोग ने छह साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। अयोग्य घोषित होने वालों में ज्यादातर निर्दलीय है। इसके अलावा एनसीपी, सीपीआई जैसी राष्ट्रीय पार्टियों के प्रत्याशी भी शामिल है।

शहर से पांच प्रत्याशी अयोग्य करार
भिलाई नगर निगम क्षेत्र से पांच प्रत्याशी अयोग्य है। इसमें पांच नगर पालिक निगम भिलाई में 2015 में महापौर पद के प्रत्याशी चेतन पांडेय, शेखर कुहिकर, डॉ डीओ सिरसांत, सोनसिंग देवांगन, श्रीराम साहू शामिल हैं। जिला निर्वाचन विभाग ने निर्वाचन के बाद खर्च का ब्यौरा नहीं देने पर नोटिस जारी किया था। इसमेंं 30 दिन के भीतर खर्च का ब्यौरा दस्तावेज के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद किसी ने चुनाव खर्च का हिसाब नहीं दिया।

अयोग्य लोगों की सूची होगी सार्वजनिक
निवार्चन आयोग ने २०१३ में विधानसभा चुनाव, २०१४ में लोकसभा, नगर पालिक निगम दुर्ग, भिलाई और चरोदा में चुनाव लडऩे वाले १८ प्रत्याशियों की सूची बनाई है। जिसमें दुर्ग विधानसभा, अहिवारा विस, दुर्ग ग्रामीण, पाटन, और भिलाई नगर विस क्षेत्र से चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशी है। जिला निर्वाचन विभाग में बकायदा ऐसे प्रत्याशियों की सूची चस्पा भी की जाएगी।

Published on:
25 Oct 2018 09:32 pm