
IIT Bhilai Admission: नौकरीपेशा इंजीनियरों के लिए आईआईटी भिलाई ने एग्जीक्यूटिव एमटेक कार्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्यक्रम के तहत कर्मचारी अपनी नौकरी जारी रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डाटा साइंस सहित विभिन्न तकनीकी विषयों में एमटेक की डिग्री हासिल कर सकेंगे।
आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है। संस्थान के अनुसार प्रवेश के लिए आवेदन सीधे स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सबसे पहले चयन समिति आवेदनों की जांच करेगी। पात्र पाए गए अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए पहले सेमेस्टर शुल्क का 50 प्रतिशत जमा करना होगा। प्रवेश परीक्षा चार और पांच जुलाई को आयोजित की जाएगी। परीक्षा परिणाम और चयन समिति की अनुशंसा के आधार पर अंतिम मेरिट सूची जारी होगी।
आईआईटी भिलाई ने स्पष्ट किया है कि आवेदन अस्वीकृत होने या प्रवेश परीक्षा में चयन नहीं होने की स्थिति में जमा की गई राशि 15 कार्य दिवस के भीतर वापस कर दी जाएगी। चयनित विद्यार्थियों के लिए 28 जुलाई को ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित होगा, जबकि कक्षाएं एक अगस्त से शुरू होंगी। संस्थान ने निर्धारित समय सीमा के भीतर नाम वापस लेने पर फीस वापसी का भी प्रावधान रखा है।
प्रदेश में तकनीकी शिक्षा का दायरा लगातार सिमटता जा रहा है। एक दशक पहले जहां छत्तीसगढ़ में 38 इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित होते थे, वहीं अब इनकी संख्या और घटने जा रही है। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) की कार्यपरिषद ने तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोग्रेसिव क्लोजर को मंजूरी दे दी है। इसके तहत छत्तीसगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज धनोरा दुर्ग, कोलंबिया इंस्टीट्यूट (रायपुर) और कृष्णा विकास इंजीनियरिंग कॉलेज (रायपुर) नए शैक्षणिक सत्र से प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे।
इससे प्रदेश में इंजीनियरिंग की लगभग एक हजार सीटें कम हो जाएंगी। इन संस्थानों ने स्वयं सीट इनटेक शून्य करने का आवेदन दिया था, जिसे कार्यपरिषद ने स्वीकृति प्रदान कर दी। अब ये कॉलेज डीटीई की काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे और प्रथम वर्ष में नए प्रवेश नहीं ले सकेंगे। इनमें से दो संस्थानों के निजी विश्वविद्यालय के रूप में परिवर्तित होने की भी संभावना है। कार्यपरिषद ने राजनांदगांव के योगांतर इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्ण बंदी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को सीएसवीटीयू की निगरानी में अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए विवि विशेष काउंसलिंग आयोजित करेगा, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।