
Monsoon Update: दुर्ग जिले में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान विभाग ने जिले के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 घंटे में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।
सोमवार शाम मौसम विभाग की ओर से जिले के लोगों के मोबाइल फोन पर इमरजेंसी वार्निंग अलर्ट भी भेजा गया। करीब दो मिनट तक मोबाइल पर चेतावनी अलार्म बजने से लोग सतर्क हो गए। जिले में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर मोबाइल अलर्ट जारी होने से लोगों में भी मौसम को लेकर गंभीरता बढ़ी।
पिछले 24 घंटे में दुर्ग जिले में 26.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसमें सुबह 8.30 बजे तक 16.6 मिमी और शाम 5.30 बजे तक 10 मिमी वर्षा दर्ज हुई। अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश के बावजूद नमी अधिक रहने से दिनभर उमस महसूस की गई।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर बने गहरे अवदाब और सक्रिय मानसूनी द्रोणिका के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में वर्षा की गतिविधियां तेज हुई हैं। इसके चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। हालांकि लगातार तेज बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
अगले 24 घंटे बेहद अहम
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को जिले में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इसके साथ तेज हवाएं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना बनी हुई है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी, नाले, पुल-पुलिया और जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें। खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से भी परहेज करने की सलाह दी गई है।