
BJP CEO Clash Durg: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शुक्रवार को उस समय माहौल गरमा गया जब सुशासन तिहार के दौरान आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में एक जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी के बीच तीखी बहस हो गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पूरे मामले पर चर्चा तेज हो गई है।
मामला दुर्ग जिले के थनौद गांव का है, जहां सुशासन तिहार के तहत जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया था। इसी दौरान भाजपा के दुर्ग ग्रामीण मंडल महामंत्री और नेता पुराण देशमुख और जनपद सीईओ रूपेश पांडे के बीच सामुदायिक भवन से जुड़ी राशि को लेकर बहस शुरू हो गई। शिविर में मौजूद लोगों और जनप्रतिनिधियों के सामने यह बहस इतनी बढ़ गई कि माहौल तनावपूर्ण हो गया।
जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच के कार्यकाल में बन रहे सामुदायिक भवन को लेकर पहले स्टे लगाया गया था। भाजपा नेता का आरोप था कि स्टे के बावजूद वर्तमान कार्यकाल में भवन के लिए राशि जारी कर दी गई। वहीं, प्रशासन का पक्ष था कि संबंधित स्टे पहले ही हट चुका था, इसलिए राशि जारी करना नियमों के तहत सही है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई और स्थिति गरमाती चली गई।
बहस के दौरान जनपद सीईओ रूपेश पांडे कथित रूप से आपा खो बैठे और उन्होंने भाजपा नेता की ओर इशारा करते हुए कहा- “तेरे को जो करना है कर ले।” इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह पूरा विवाद उस समय हुआ जब दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर भी शिविर में मौजूद थे।
घटना के दौरान भाजपा नेता के समर्थकों ने भी हस्तक्षेप किया। बताया जा रहा है कि एक समर्थक द्वारा अधिकारी पर उंगली दिखाने और तेज आवाज में बात करने का विरोध भी किया गया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
इस मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा भाजपा राज में प्रशासनिक अराजकता की शर्मनाक तस्वीर !!! दुर्ग के तथाकथित "सुशासन तिहार" में भाजपा विधायक ललित चंद्राकर बेबस होकर मुंह छुपाए खड़े हैं, भाजपा नेता अधिकारी से जांच की मांग कर रहे हैं, और अधिकारी खुलेआम चुनौती देते हुए कह रहा है- "जो करना है कर ले"