भीलवाड़ा

Opinion : भीलवाड़ा शहर में बनना चाहिए एक और ओवरब्रिज

जब कोटा, जोधपुर व अजमेर शहर में सुगम कनेक्टिविटी खातिर जनता को राहत देने के लिए कई ओवरब्रिज बन सकते हैं तो भीलवाड़ा शहर एक ही पुल पर क्यों रेंग रहा है?

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Opinion : बनना चाहिए एक और ओवरब्रिज

कानाराम मुण्डियार

रेलवे लाइन के कारण दो भाग में बंटे भीलवाड़ा शहर में सुगम कनेक्टिविटी के लिए एक और ओवरब्रिज की महत्ती दरकार है, लेकिन अफसरों के लचर रवैए के कारण शहरवासियों को बड़ी राहत नहीं मिल रही। बड़ा सवाल यह है कि आखिर अफसरों व नेताओं को जनता की पीड़ा दिखाई क्यों नहीं दे रही? यदि जनता का दर्द महसूस कर पा रहे हैं तो तत्कालीन अफसरों की ढिलाई व गलतियों के कारण बहाने एवं नियमों की आड़ क्यों ली जा रही है।

जब कोटा, जोधपुर व अजमेर शहर में सुगम कनेक्टिविटी खातिर जनता को राहत देने के लिए कई ओवरब्रिज बन सकते हैं तो भीलवाड़ा शहर एक ही पुल पर क्यों रेंग रहा है? रेलवे फाटक पर आए दिन जाम से पैदा हो रही परेशानी किसी को दिखाई क्यों नहीं दे रही। क्या यहां के नेताओं और अफसरों की जनता के प्रति कोई जवाबदेही नहीं बनती। हर साल चुनाव में थोक वोट पाकर नेताजी विधानसभा और लोकसभा पहुंच रहे हैं।

जनता भी जानना चाह रही है कि नेताओं की ओर से शहर के लिए ऐसा कौनसा बड़ा कार्य किया गया, जिसकों दशकों बाद भी उनके नाम से गिना जाएगा। यह बात अलग है कि नेताजी इसका जवाब नहीं दे पा रहे।खैर, देर आयद, दुरस्त आयद की तर्ज पर चुनावी साल में ही कुछ बड़ा काम हाथ में ले लेना चाहिए। जनता को जवाब भी तो देना पड़ेगा। सांसद सुभाष बहेडिय़ा, विधायक विठ्ठलशंकर अवस्थी एवं नगर परिषद बोर्ड चेयरमैन राकेश पाठक की ओर से भीलवाड़ा शहर में बड़ी राहत देने के लिए ओवरब्रिज की दिशा में प्रयास तेज करने चाहिए।

जिला प्रशासन एवं नगर परिषद प्रशासन को रेलवे फाटक के पास ओवरब्रिज अटकने के कारणों पर मंथन करना होगा। तत्कालीन अफसरों ने जो ढिलाई रखी, उसकी भरपाई करनी होगी। ओवरब्रिज बनने से शहर में वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था बढ़ेगी। रेलवे फाटक के आसपास यदि ओवरब्रिज बनेगा तो शहर के पश्चिम व पूर्वी भाग के बीच सुगम कनेक्टिविटी बढ़ेगी। लाखों लोगों को प्रतिदिन अजमेर पुलिया की लम्बी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। बरसात के दिनों एवं अन्य दिनों में अजमेर पुलिया व रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से निजात मिलेगी और पुलिस भी ट्रेफिक व्यवस्था संभालने में राहत की सांस लेगी। नेताओं के अलावा जनता एवं शहर के संगठनों को भी आगे आना चाहिए। यदि सभी की ओर से संयुक्त प्रयास किए जाएंगे तो शहर में एक ओवरब्रिज बनकर रहेगा।

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Published on:
20 Dec 2022 05:17 pm
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