
Bhilwara District Treasury Officer Tina Rolania APO: भीलवाड़ा जिले के सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) में फैले भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में राज्य सरकार ने कड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए जिला कोषाधिकारी टीना रोलानिया को 'अवैटिंग पोस्टिंग ऑर्डर्स' (APO) कर दिया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद से ही रोलानिया लगातार कार्यालय से अनुपस्थित और भूमिगत चल रही थीं।
राजस्थान सरकार के वित्त (राजस्व) विभाग के संयुक्त शासन सचिव पवन जैमन की ओर से बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी किए गए। आदेश के अनुसार, राजस्थान लेखा सेवा की अधिकारी टीना रोलानिया को तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया गया है।
साथ ही उन्हें अपनी उपस्थिति तुरंत वित्त (राजस्व) विभाग, जयपुर मुख्यालय में देने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने पहले ही रोलानिया को 16 सीसी में चार्जशीट देने की अनुशंसा की थी।
भ्रष्टाचार के इस बड़े खेल का खुलासा 5 मई 2026 को हुआ। एसीबी की प्रथम चौकी ने एक गोपनीय और तकनीकी जाल बिछाकर शाहपुरा पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता (XEN) शहजाद मोहम्मद और दो ठेकेदारों मोडूराम धाकड़ व बनवारी लाल जाट को 3.54 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद जब आरोपियों के मोबाइल जब्त कर उनके व्हाट्सएप कॉल और चैट के रिकॉर्ड खंगाले गए, तो भ्रष्टाचार की परतें खुलती चली गईं। जांच में सामने आया कि डीएमएफटी (DMFT) फंड से हुए निर्माण कार्यों के बिल पास करने के बदले अधिकारियों का एक पूरा नेटवर्क अवैध वसूली में लगा हुआ था।
इस व्हाट्सएप रिकॉर्ड से साफ हुआ कि कमीशन के इस खेल में विभाग के अधीक्षण अभियंता (SE) खेमचंद मीणा, जहाजपुर के सहायक अभियंता (AEN) बन्ने सिंह बैरवा और जिला कोषाधिकारी टीना रोलानिया की सीधी संलिप्तता थी।
मामला दर्ज होते ही ये सभी अधिकारी भूमिगत हो गए। राजस्थान पत्रिका ने इस पूरे मामले को प्रमुखता से उठाते हुए सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित की थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब समूचे प्रकरण की विस्तृत जांच अजमेर एसीबी टीम को सौंपी गई है।