
Bhilwara plot allotment lottery controversy: भीलवाड़ा नगर विकास न्यास की ओर से गुरुवार को प्रदेश की सबसे बहुप्रतीक्षित भूखंड आवंटन लॉटरी विवादों में आ गई है। दीपावली का तोहफा कहलाने वाली लॉटरी में न्यास के अपने ही कारिंदों ने करीब 88 हजार लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
बता दें कि लॉटरी में प्रभारी रविश श्रीवास्तव ने अपनी पत्नी सीमा श्रीवास्तव के नाम ही भूखंड आवंटन करवा दिया। नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा के सामने यह सब कुछ हुआ।
हालांकि, इस संबंध में जब एक्सईएन श्रीवास्तव से मोबाइल पर कई बार बात करने की कोशिश की तो फोन नहीं उठाया। वहीं, न्यास सचिव ने कहा कि मामले को हम दिखवाएंगे। बाद में उन्होंने भी फोन नहीं उठाया। इससे पहले लॉटरी के बीच आमजन ने पारदर्शिता को लेकर जबरदस्त हंगामा किया।
गौरतलब है कि 3081 आवेदकों को भूखंड देकर दीपावली का तोहफा देने की न्यास ने लॉटरी निकाली। नगर निगम महाराणा प्रताप सभागार में नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बटन दबाकर लॉटरी निकाली। लॉटरी को लेकर आवेदकों में खासा उत्साह था। लॉटरी शुरू होते ही समूचा सभागार ठसाठस हो गया। लॉटरी के दौरान विधायक अशोक कोठारी, महापौर राकेश पाठक, उप महापौर रामलाल योगी, नगर विकास न्यास प्रशासक एवं कलक्टर जसमीत सिंह संधू ने भी बारी- बारी से क्लिक किया।
नगरीय विकास मंत्री खर्रा शाम पांच बजे अचानक न्यास पहुंचे। मंत्री खर्रा की मौजूदगी में निकली ई-लॉटरी के दौरान दो बार हंगामा हुआ। लॉटरी प्रक्रिया करीब तीस मिनट रुकी रही। लोगों का आरोप था कि मध्यम आय वर्ग के एसटी श्रेणी की लॉटरी में अन्य जाति वर्ग के आवेदक को भी शामिल कर लिया। इसी प्रकार दिव्यांग श्रेणी में भी आवंटन की स्थिति स्पष्ट नहीं थी।
लॉटरी की प्रक्रिया आर्थिक दृष्टि से कमजोर श्रेणी से शुरू हुई। शुरुआत में चार बच्चों से नबरों की चिट निकलवाई गई। इसके बाद सभागार में मौजूद आवेदकों के साथ ही अतिथियों ने भी ई-लॉटरी के लिए बटन दबाए। लॉटरी की समूची प्रक्रिया करीब दो घंटे में ही पूर्ण कर ली।
लॉटरी प्रभारी अधिशासी अभियंता श्रीवास्तव ने भूखंड आवंटन लॉटरी प्रक्रिया की जानकारी दी। संचालन पंडित अशोक व्यास ने किया। लॉटरी परिणामों को न्यास की वेबसाइट पर अपलोड किया है। साथ ही एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से भी चयनित आवेदकों को जानकारी दी जा रही है। न्यास परिसर में भी सूची चस्पा की गई।