भीलवाड़ा

भीलवाड़ा में खनिज विभाग की लापरवाही: पोर्टल से 525 खनन पट्टाधारकों का डेटा गायब, 30 जून के बाद लगेगा जुर्माना

Bhilwara Mining Department: भीलवाड़ा जिले में खनिज विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। 525 खनन पट्टाधारकों पर 50 हजार रुपए तक के जुर्माने की तलवार लटक गई है। मामले को लेकर पट्टाधारकों ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा है।

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Jun 18, 2026
Bhilwara Mining Department
Bhilwara Mining Department Office (Patrika File Photo)

Bhilwara Mining Engineer Office Gangapur: भीलवाड़ा खनिज विभाग से अलग होकर नवसृजित सहायक खनिज अभियंता कार्यालय गंगापुर के अधीन आने वाले करीब 525 खनन पट्टाधारकों पर इन दिनों विभाग की तकनीकी लापरवाही भारी पड़ने वाली है। 14 मार्च 2026 को इन सभी खनन पट्टों को ऑनलाइन विभाग के नए कार्यालय गंगापुर के लिए ट्रांसफर कर दिया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी आज तक इन फाइलों का संपूर्ण डेटा ऑनलाइन ट्रांसफर नहीं हो सका है। नतीजतन, पट्टेधारी अपनी मासिक और वार्षिक विवरणी (रिटर्न) ऑनलाइन दर्ज नहीं कर पा रहे हैं।

पट्टाधारकों ने अधिकारियों को लिखा पत्र

पोर्टल की इस निरंतर परेशानी से त्रस्त होकर कई खनन पट्टाधारकों ने अधिकारियों को लिखित में शिकायतें दर्ज कराई है। पट्टेधारियों ने अपने प्रार्थना पत्रों में स्पष्ट चेतावनी दी है कि आईबीएम या विभाग की ओर से यदि पोर्टल की खामी के चलते उन पर कोई भी पेनाल्टी या ब्याज लगाया जाता है तो वे इसके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी।

पोर्टल पर गायब है पूरा रिकॉर्ड

खनन पट्टों के गंगापुर कार्यालय में हस्तांतरण के बाद से ही सिस्टम बुरी तरह चरमरा गया है। पट्टेधारियों को अपनी एसएसओ आईडी से लॉगिन करने पर पूर्व का डिमांड रजिस्टर, मासिक रिर्टन, वार्षिक रिर्टन और रवन्ना रिपोर्ट आदि का कोई भी पुराना रिकॉर्ड प्रदर्शित नहीं हो रहा है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 समाप्त हो चुका है, लेकिन पट्टाधारी पुराना इंद्राज न दिखने के कारण वार्षिक अधिशुल्क निर्धारण के लिए अपना रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर पा रहे हैं। रवन्नाओं के अंग्रेजी वर्णमाला वाले पूर्ण नंबर जनरेट नहीं हो रहे हैं। इससे वे-ब्रिज पर रवन्ना इनवेलिड बताकर कंफर्म नहीं हो पा रहे हैं।

30 जून के बाद लगेगा भारी जुर्माना

विभागीय व्यवस्था और पोर्टल की इस खामी में जल्द सुधार नहीं किया गया, तो 30 जून के बाद इन सभी 525 खनन पट्टाधारकों को बिना किसी गलती के जुर्माना भरना पड़ेगा। इसके अलावा भारतीय खान ब्यूरो कार्यालय अजमेर के नियमों के तहत मासिक रिटर्न समय पर जमा नहीं होने पर प्रतिदिन 5000 रुपए की पेनाल्टी लगाए जाने का भी प्रावधान है।

निदेशालय को लिखा पत्र

ऐसा नहीं है कि स्थानीय अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है। गंगापुर के सहायक खनि अभियंता सुनील कुमार सनाढ्य ने खान एवं भू-विज्ञान निदेशालय उदयपुर के नोडल अधिकारी को कई बार पत्र लिखकर इस तकनीकी समस्या के शीघ्र निराकरण का निवेदन किया है।

Published on:
18 Jun 2026 02:02 pm