भीलवाड़ा-कोटा हाइवे पर तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से कार सवार मां-बेटे समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन साल की बच्ची गंभीर घायल है। हादसा डंपर द्वारा बस को ओवरटेक करते समय हुआ। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
बीगोद (भीलवाड़ा): नए साल के पहले दिन दुखद खबर ने रुला दिया। भीलवाड़ा-कोटा राजमार्ग पर बीगोद में तेज रफ्तार डंपर ने कार को टक्कर मार दी। हादसे में कार में सवार मां-बेटे समेत चार लोगों की मौत हो गई।
हादसे में बेटी घायल हो गई। उसका उदयपुर में इलाज चल रहा है। मां दो बच्चों के साथ भीलवाड़ा रोडवेज बस स्टैंड के बाहर से लिफ्ट लेकर कार में सवार हुई थी। रास्ते में उसे और बेटे को काल छीनकर ले गया। बेटी की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद हाइवे पर जाम लग गया।
थानाप्रभारी जय सुल्तान ने बताया कि कार में सवार परिवार भीलवाड़ा से मांडलगढ़ आ रहा था। बीगोद के निकट डंपर ने बस को ओवरटेक करते समय कार को टक्कर मार दी। हादसे में कार में सवार कारोही निवासी भानुप्रताप सिंह (22), नारायण धोबी (30) की मौके पर मौत हो गई। जबकि मेजा निवासी घनिया (26) पत्नी भागचंद धोबी उसका आठ माह का पुत्र कुशवंत व तीन साल की पुत्री मनु घायल हो गए। तीनों को उदयपुर रेफर किया गया।
वहां घनिया और कुशवंत की मौत हो गई, जबकि बेटी का इलाज चल रहा है। हादसे के बाद हाइवे पर जाम लग गया। बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बेमुश्किल उसमें फंसे शव और घायलों को बाहर निकाला गया।
मृतक घनिया देवी का मांडलगढ़ में पीहर है और मेजा गांव में ससुराल। अहमदाबाद में पति के साथ पांच साल से कपड़े पर प्रेस करने का काम करती थी। गुरुवार सुबह पीहर मांडलगढ़ के जाने के लिए भीलवाड़ा बस से उतरी। रोडवेज डिपो के बाहर खड़ी थी। इस दौरान मांडलगढ़ की तरफ जा रही कार को रुकवाकर बेटे-बेटी के साथ सवार हुई। तीन साल की बेटी मनु की भी हालत नाजुक बनी हुई है।
हादसे का पता लगने पर परिवार में कोहराम मच गया। परिजन मौके पर पहुंचे। कारोही निवासी कार चालक भानुप्रताप सिंह और नारायण धोबी जोगणिया माता दर्शन के लिए निकले थे। दोनों की भी हादसे में मौत हो गई।
कस्बे के भीलवाड़ा मार्ग पर पावनधाम के निकट आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। पिछले साल भी कई दुर्घटना हो चुकी हैं। उसमें कई लोगों की जान जा चुकी है। कई लोग घायल हुए। ग्रामीणों ने प्रशासन से कई बार गति अवरोधक बनाने की मांग की, लेकिन समस्या को नजरअंदाज किया। राजमार्ग पर तेज गति से दौड़ते वाहन यमदूत बने हुए हैं। वाहनों की गति पर लगाम के लिए गति अवरोधक बनाने की जरूरत है।