भीलवाड़ा के कमला विहार में शुक्रवार को एएसआई महावीर सिंह राठौड़ की सर्विस रिवॉल्वर से गोली लगने से मौत हो गई। घटना के समय उनकी पत्नी रसोई में चाय बना रही थीं। अचानक गोली की आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंचीं तो महावीर सिंह लहूलुहान पड़े मिले।
Bhilwara ASI Mahavir Singh Suicide: भीलवाड़ा शहर का पॉश इलाका कमला विहार शुक्रवार को एक ऐसी खबर से दहल उठा, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। मिलनसार स्वभाव के धनी सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) महावीर सिंह राठौड़ (42) के असामयिक निधन ने न केवल उनके परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि समूचे पुलिस महकमे को भी गहरे सदमे में डाल दिया।
घर के भीतर गूंजी एक गोली की आवाज ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां एक पल में छीन लीं। सर्विस रिवॉल्वर से गोली चलने से एएसआई सिंह की मौत हुई।
शुक्रवार की वह दोपहर राठौड़ परिवार के लिए किसी काले साए से कम नहीं थी। एएसआई महावीर सिंह अपने कमरे में थे और उनकी पत्नी रसोई में उनके लिए चाय बना रही थीं। अचानक एक धमाके ने घर की शांति को चीर दिया। बदहवास पत्नी जब कमरे की ओर दौड़ी, तो वहां का मंजर देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
लहूलुहान हालत में पति को देख उनका विलाप पथरा गया। देखते ही देखते घर के बाहर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर आंख नम थी और हर जुबां पर बस एक ही सवाल था, "आखिर यह कैसे हो गया?"
महावीर सिंह के रगों में खाकी का अनुशासन दौड़ रहा था। उनके पिता अर्जुन सिंह ने भी उपनिरीक्षक के रूप में विभाग को अपनी सेवाएं दी थीं। खुद महावीर सिंह भी हाल ही में हेड कांस्टेबल से एएसआई के पद पर पदोन्नत हुए थे।
कोतवाली थाने में उनकी नई पारी की शुरुआत ही हुई थी कि नियति ने उन्हें वापस बुला लिया। जिस घर में प्रमोशन की बधाइयां गूंजनी चाहिए थी, वहां अब मातम का सन्नाटा पसरा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव और एएसपी पारस जैन तुरंत मौके पर पहुंचे। शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाकर उसे पैतृक गांव बरडोद भेजा गया। एसपी यादव ने मामले की तह तक जाने के लिए एक विभागीय कमेटी का गठन किया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गोली किन परिस्थितियों में चली।