Bhilwara AI Camera: टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा की सुरक्षा अब हाईटेक होगी। पीएम मोदी की सुरक्षा संभालने वाली एजेंसी के सहयोग से एआई जासूस तैनात किया जाएगा।
Bhilwara AI Security System: भीलवाड़ा: टेक्सटाइल सिटी अब सुरक्षा के मामले में प्रदेश का सिरमौर बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट सिटी विजन को धरातल पर उतारते हुए, इंडियन टेलीकॉम इंडस्ट्रीज दिल्ली (आईटीआई लिमिटेड) भीलवाड़ा की सुरक्षा व्यवस्था को 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (एआई) से लैस करने जा रही है।
बता दें कि यह एजेंसी राष्ट्रीय पर्वों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीसरी आंख से सुरक्षा व्यवस्था भी संभाले हुए हैं। खास बात यह है कि भीलवाड़ा प्रदेश का पहला शहर होगा, जहां सुरक्षा की कमान एआई तकनीक के हाथों में होगी।
शहर की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए जिला प्रशासन और आईटीआई के बीच अनुबंध हो चुका है, जिसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। प्रथम चरण में अपग्रेडेशन के तहत मौजूदा सीसीटीवी कैमरों को एआई सॉफ्टवेयर के अनुरूप बदला जाएगा और उनकी स्टोरेज क्षमता बढ़ाई जाएगी।
इसके लिए विधायक अशोक कोठारी ने अपने विधायक कोष से 3 करोड़ 60 लाख 19 हजार रुपए की राशि प्रदान की है। द्वितीय चरण विस्तार का रहेगा। इसमें शहर के चप्पे-चप्पे पर 300 नए एआई-युक्त कैमरे लगाए जाएंगे। इस पर करीब 7 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जिसके लिए डीएमएफटी फंड का सहयोग लिया जाएगा।
एआई सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा पुलिस अधीक्षक की अगुवाई में अभय कमांड कंट्रोल रूम संभालेगा। यह सिस्टम केवल वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं करेगा, बल्कि एक 'डिजिटल जासूस' की तरह काम करेगा। इसी प्रकार स्वचालित मिलान हो सकेगा।
इसमें कैमरे की फीड मुख्य सर्वर तक पहुंचते ही एआई डेटाबेस में मौजूद अपराधियों की तस्वीरों से उसका मिलान करेगा। इसी प्रकार संदिग्ध या अपराधी के कैमरे के सामने आते ही सिस्टम चंद सेकंड में उसकी पहचान कर मॉनिटर पर अलर्ट जारी कर देगा।
यह एआई तकनीक व्यक्ति की उम्र का अनुमान लगाने और भीड़ में संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करने में भी सक्षम है। यदि व्यक्ति का रिकॉर्ड साफ है, तो मॉनिटर पर हरा सिग्नल दिखेगा, जिससे पुलिस को निर्दोषों और अपराधियों के बीच फर्क करने में आसानी होगी।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, कलक्ट्रेट, सेशन कोर्ट क्षेत्र, सूचना केंद्र चौराहा, पुराना भीलवाड़ा, प्रमुख बाजार, शॉपिंग मॉल और धार्मिक स्थलों जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों को इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा। शहर के 6 थाना क्षेत्रों में यह जाल बिछाया जाएगा।
प्रधानमंत्री के स्मार्ट प्रोजेक्ट्स में अहम भूमिका निभाने वाली आईटीआई लिमिटेड इससे पहले गांधीनगर और दिल्ली जैसे शहरों में अपनी तकनीक का लोहा मनवा चुकी है। अब भीलवाड़ा की बारी है, जहां अपराधी चाहकर भी 'तीसरी आंख' से बच नहीं पाएंगे।
भारत सरकार के उपक्रम आईटीआई के साथ अनुबंध हो चुका है। अत्याधुनिक कैमरे लगने से शहर की सुरक्षा व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय स्तर की होगी। उम्मीद है कि काम जल्द ही धरातल पर शुरू होगा।
-अशोक कोठारी, विधायक, भीलवाड़ा