Rajasthan Nikay Election: यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने साफ किया कि ओबीसी के सटीक आंकड़े मिलने के बाद ही निकाय चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने से पहले चुनाव संभव नहीं, मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
भीलवाड़ा। राज्य के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन (यूडीएच) मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने शुक्रवार को निकाय चुनावों और ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट कर दी। भीलवाड़ा प्रवास के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को राजनीतिक आरक्षण तभी देगी, जब उसकी सटीक जनसंख्या के आंकड़े उपलब्ध हो जाएंगे।
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मंत्री खर्रा ने कहा कि आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रदेश में निकाय चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि विधानसभा में भी इस मुद्दे पर विपक्ष को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि वे बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव करवाना चाहते हैं, तो अपनी मांग लिखित में दें। ऐसी स्थिति में सरकार चुनाव करवाने पर विचार कर सकती है, लेकिन सरकार की प्राथमिकता आरक्षण के साथ ही चुनाव करवाने की है।
निकाय चुनावों में हो रही देरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मामला वर्तमान में राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट का जो भी निर्णय आएगा, राज्य सरकार उसका पूर्ण रूप से पालन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करती है और उसी के अनुरूप आगे कदम उठाएगी।
मंत्री खर्रा ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि जब तक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग त्रिस्तरीय जांच के आधार पर ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या के आंकड़े तैयार कर सरकार को नहीं सौंप देता, तब तक राजनीतिक आरक्षण देना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के तहत पूरी की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चाहती है कि आरक्षण का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचे, इसलिए सही आंकड़ों का होना जरूरी है। जल्दबाजी में लिए गए फैसले भविष्य में कानूनी जटिलताएं बढ़ा सकते हैं। इससे पूर्व मंत्री खर्रा शहर के मेडिसिटी ग्राउंड में आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा में भी शामिल हुए। उन्होंने व्यास पीठ पर विराजित पंडित प्रदीप मिश्रा सहित अन्य संतों का आशीर्वाद लिया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।