
बागोर (भीलवाड़ा): बागोर थाना क्षेत्र के भाखलिया गांव में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कुर्सियों पर बैठने को लेकर उपजा विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। विद्यालय परिसर में दलित समाज के ग्रामीणों के साथ हुए कथित जातिगत भेदभाव और सार्वजनिक अपमान के विरोध में क्षेत्र के विभिन्न संगठनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, बागोर निवासी दिनेश खटीक ने बागोर थाने में शिकायत सौंपी है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि 15 अगस्त को भाखलिया स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में स्वतंत्रता दिवस का सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान भाखलिया निवासी रामेश्वर लाल बैरवा और गोपीलाल बैरवा वहां उपलब्ध खाली कुर्सियों पर बैठ गए।
आरोप है कि उन्हें कुर्सियों पर बैठा देख गांव के ही कुछ दबंग लोगों ने सख्त आपत्ति जताई। उन्होंने दोनों ग्रामीणों को कुर्सियों से उठने को कहा और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया।
घटना के बाद से ही बैरवा समाज सहित समूचे दलित समाज में रोष फैल गया। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने भाखलिया गांव के पांच नामजद लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पीड़ितों और समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन से सभी नामजद दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
घटना के विरोध में और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को बैरवा समाज तथा विभिन्न सहयोगी संगठनों के आह्वान पर एक विशाल वाहन रैली का आयोजन किया जा रहा है। यह आक्रोश रैली क्षेत्र के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए उपतहसील कार्यालय पहुंचेगी। वहां उग्र प्रदर्शन के पश्चात प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है।