दस साल से संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों को जिला परिषद के सीईओ गजेंद्र सिंह राठौड़ को पीड़ा बताना उलटा पड़ गया
भीलवाड़ा।
दस साल से संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों को जिला परिषद के सीईओ गजेंद्र सिंह राठौड़ को पीड़ा बताना उलटा पड़ गया। सीईओ ज्ञापन देने आए कर्मचारियों पर बरस पड़े व बोले-शर्म करो, थोड़ा बहुत काम भी किया करो। मनरेगा में काम ठप है। बोर्ड नहीं बन रहे है। जॉब कार्ड अपड़ेट नहीं हो रहे है। केंद्रीय टीम 15 मई को भीलवाड़ा आ रही है।
तुम्हारी हड़ताल से लग रहा है कि केंद्र सरकार अब पैसा भी नहीं देने वाली है। दस-ग्यारह दिन की हड़ताल से जिले को कितना नुकसान हो चुका है, इसका अंदाजा भी है। सीईओ ने प्रतिनिधियों से कहा कि, मैं तुम्हारा ज्ञापन ले सकता हूं लेकिन काम पर जुट जाओ। श्रमिक लगाने का काम करो। इतनी गद्दारी शायद ही किसी देश में होती होगी।
कर्मचारियों ने अपने पासवर्ड तक बदल दिए हैं। यह एफएसएल का मामला है। जिले में अभी डेढ़ लाख से अधिक श्रमिक काम पर होने चाहिए लेकिन 60 हजार भी नहीं है। भुगतान नहीं हो रहा है। कोटड़ी सहित कई पंचायतों में श्रमिकों को काम नहीं मिल रहा। इतने दिन से हड़ताल कर रहे हो। मुझसे मिलकर बताना भी मुनासिब नहीं समझा कि हमारी यह मांग है। हड़ताल का समय गलत चुना है। गरीबों को नुकसान हो रहा है। अगर काम नहीं करना है तो जहां से आएं हो, वहां लौट जाओ।
यह नसीहत सुनकर कुछ कार्मिकों ने चैबर से निकलते ही नाराजगी जताई। कहा-अपने हक की बात करने पर भी एेसा जवाब मिला, जो गलत है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) कर्मचारी सेवा परिषद कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश चौधरी व मनरेगा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक वैष्णव ने सांत्वना दी।
सीईओ को ज्ञापन देने आए मनरेगा कार्मिक संघ, सरपंच संघ, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) कर्मचारी सेवा परिषद कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारियों ने कहा कि हम ईमानदारी से काम कर रहे है लेकिन एलडीसी भर्ती 2013 पुन कराने व विड्रो की गई अधीनस्थ कर्मचारी आयोग की एलडीसी भर्ती 2013 के विड्रो आदेशों को निरस्त कराने तथा नियमितीकरण की मांग लम्बे समय से कर रहे है।हमारी समस्या को आप नहीं सुनेंगे तो कौन सुनेगा। हमारी बात आप सरकार तक पहुंचाएं।