भीलवाड़ा महिला अरबन को-ऑपरेटिव बैंक में ऋण घोटाले के मामले की जांच
भीलवाड़ा ।
भीलवाड़ा महिला अरबन को-ऑपरेटिव बैंक में ऋण घोटाले के मामले की जांच करने आखिरकार एसओजी की टीम शुक्रवार शाम को भीलवाड़ा पहुंची। इस टीम के आने की सूचना मिलने मात्र से इस मामले से जुड़े लोगों में हडकम्प मच गया तथा कई लोग भीलवाड़ा से बाहर चले गए।
जबकि इस बैंक के पूर्व अध्यक्ष कीर्ति बोरदिया व बैंक के सलाहकार सीए रविन्द्र बोरदिया अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर है। एसओजी के सीआई शंकरलाल के नेतृत्व में आई टीम में हिम्मतसिंह व अशोक राठी शामिल है। तीनों अपनी जांच शनिवार से करेंगे।
टीम को जयपुर मुख्यालय से मिली तीन फाइलें लेकर भीलवाड़ा आई है। इसमें मुख्य रूप से शहर कोतवाली नें सहकारी विभाग के सहायक रजिस्ट्रार पारस मल जैन की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमा संख्या 225 की जांच शामिल है। इसमें मामले में बैंक की पूर्व अध्यक्ष, संचालक मण्डल के सदस्य सहित बैंक प्रबन्धक को दोषी मानते हुए 25 करोड़ 10 लाख के फर्जी ऋण का मामला दर्ज कराया था। इसके अलावा मुकदमा संख्या 197 व 552 शामिल है।
इन मुकदमों में शामिल लोगों को शनिवार से ही नोटिस भेजकर बुलाया जाएगा तथा उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 में 3 मार्च को कन्हैयालाल कीर ने शहर कोतवाली में ७५ लाख की धोखाधड़ी करने का मामला बैंक के 11 जनों के खिलाफ दर्ज कराया था।
उसके बाद बैंक में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले की परते खुलते गई। बाद में को-ऑपरेटिव विभाग ने धारा 55के तहत 47 ऋण फाइलों की जांच करते हुए एक मई 2017 को शहर कोतवाली में मामला दर्ज कराया था। विभाग की ओर से धारा 57 की जांच उपभोक्ता भण्डार के महाप्रबन्धक कर रहे हैं।