
Pawan Singh-Jyoti Singh Controversy: एक तरफ बिहार में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ पवन सिंह और ज्योति सिंह कंट्रोवर्सी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। दोनों एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।
पवन सिंह ने आज, बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्नी ज्योति सिंह को लेकर बड़ी बात कही। खुलासा करते हुए उन्होंने बताया कि ज्योति के पिता ने मुझसे कहा था कि आप मेरी बेटी को विधायक बना दीजिए। तब मैंने कहा, ‘ये हमारे बस की बात नहीं।
बता दें भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह की पत्नी हाल ही में उनसे सुलह करने के लिए लखनऊ पहुंची थीं। उस दौरान उन्होंने उनके (पवन सिंह) आवास पर क्या-क्या किया? इस बात का भी खुलासा एक्टर ने किया है।
पवन सिंह के मुताबिक, घर पहुंचकर उन्होंने काफी हंगामा किया और मुझसे मिलने की जिद की। तब मैं एक मीटिंग में व्यस्त था, जब मुझे पता चला कि वो मिलना चाहती हैं तो मैंने अपने दोस्त के जरिए कहा था कि दो दिन बाद मिलें, लेकिन वह नहीं मानी।
वह मेरे घर पर पहुंचीं, तब मैं खाना खाकर सोया ही था। इतने में मेरे बड़े भाई ने बताए कि नीचे ज्योति आई हैं। तब मैंने उन्हें इज्जत और प्यार के साथ अंदर बुलाया। मैंने उनको पानी दिया… लेकिन उनकी जिद थी कि जब तक मेरा तलाक नहीं हो जाता मैं यहां से हिलूंगी नहीं। इसके बाद हमने साथ में चाय भी पिया। लेकिन रट यही थी कि मैं अब यहां से कही नहीं जाऊंगी। फिर मैंने उनसे कहा कि क्या एक छत के नीचे रहकर मुकदमा लड़ा जाता है?
पवन सिंह ने आगे कहा, “ज्योति, आप जो अपने पति के लिए अपनापन दिखा रही हैं, ये चुनाव से पहले क्यों नहीं दिखाया? क्योंकि मैं अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान से मिला। आप विधायक बनने के लिए इस हद तक जा सकती हैं, सोचा नहीं था।”
उन्होंने यह भी कहा कि आप लोग नेताओं से सारी मुलाकात और उसके बाद ज्योति के कार्यक्रम को देख लीजिए, आपको सब समझ आ जाएगा। लेकिन मर्द का दर्द किसी को नहीं दिखता।
पवन सिंह ने यह भी कहा कि कानून दोनों के लिए मायने रखता है। यह तलाक का केस अभी कोर्ट में है। अभी तक उनकी काफी बदनामी हो गई है। अब शायद ही इस मामले में कुछ हो पाए।
बता दें कि हाल ही में पवन सिंह को वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की गई है। वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा का मतलब है कि पवन सिंह के साथ अब 24 घंटे हथियारों से लैस कमांडो तैनात रहेंगे। इस सुरक्षा घेरे में कुल 11 से 12 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं, जिनमें केंद्रीय बलों के कमांडो, निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ), और अन्य सुरक्षाकर्मी होते हैं। ये सुरक्षाकर्मी हर वक्त पवन सिंह के आसपास मौजूद रहेंगे, चाहे वह घर पर हों, किसी कार्यक्रम में, या यात्रा के दौरान। इस सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य पवन सिंह को किसी भी संभावित खतरे से बचाना है।