भोपाल

भाजपा नेता का हत्यारा निकला उसी का बचपन का दोस्त, सिर्फ इस बात पर चाकू से गोदकर मार डाला, जाने वजह

सेंट्रल जेल के सामने बीती 17 मई को हुई भाजपा नेता सुरेंद्र कुशवाहा की हत्या के मामले में फरार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तफ्तीश में पता चला है कि हत्या का आरोपी मृतक का पुराना दोस्त था।
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Updated: 22 May 2024, 10:53 AM IST
BJP leader murder

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सेंट्रल जेल ( central jail ) के सामने बीती 17 मई को हुई भाजपा नेता सुरेंद्र कुशवाहा ( BJP leader Surendra Kushwaha ) की हत्या के मामले में फरार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को इलाके में घुमाया। मामले में एसआईटी गठित की थी।

पुलिस ने आरीपी राघवेंद्र उर्फ छोटू पिता शयामलाल सेन निवासी भीम नगर अरेरा हिल्स, फैजल खान पिता मो. अश्फाक निवासी हसनाथ नगर, दीपांशु उर्फ तन्‍नू पिता शशांक सेन निवासी पंचशील नगर, राज पिता अनिल स्रोम कुंवर निवासी पंचशील नगर और अजय पिता संजय पासवान निवासी पंचशील नगर को अटेस्ट किया है। जबकि 4 अन्य आरोपियों की तलाश अब भी जारी है।

यहां जानें घटनाक्रम

बता दें कि 17 मई की शाम करीब 5.30 बजे विकास वर्मा निवासी टीटी नगर अपने दोस्त ईशू खरे, सुरेंद्र कुश्वाह के साथ ईशू के भाई सतीश खरे (पैटोल खत्म होने पट) को केंद्रीय जेल छोड़ने आए थे। सेंट्रल जेल के सामने आरोपी संदेश नखवारे, आकाश ने अपने कुछ साथियों के साथ हथियारों से लैस होकर सुरेंद्र और ईशू पट हमला कर दिया था। इममें सुरेंद्र और ईशू गंभीर कप से घायल हो गए थे। उन्हें अत्पताल में भर्ती कटाया गया था, लेकिन सुरेंद्र की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने 302 आईपीसी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। कहा जा रहा है कि सुरेंद्र की हत्या उतनी के दोस्त छोट ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर प्लानिंग कर की थी। दोनों में कुछ दिनों से किसी बाद पट विवाद चल रहा था। इसके चले छोटु ने भाजपा नेता की हत्या कट दी।

ऐसे शुरु हुआ विवाद

पुलिस जांच में पता चला कि सुरेंद्र और रावेंद्र उर्फ छोटू पहले अच्छे दोस्त थे। किसी बात पर हुए विवाद में सुरेंद्र ने उसके साथ मारपीठ की थी। इसके बाद उनकी दोस्ती टूट गई थी। इसी बीच 16 मई को सुरेंद्र के दोस्त सुन्नू उर्फ रितिक इंगले पर सिंधु भवन के बाहर हमला हुआ। पुलिस ने रितिक की शिकायत पर रावेंद्र सेन उर्फ छोटू, संदेश नरवडे, लीली उर्फ वीपांशु सेन, छोटा फैजल, रानू और सोलंकी के खिलाफ धारा 294, 323, 324, 506, 34 का केस दर्ज किया था। छोटू को संदेह था कि सुरेंद्र के कहने पट ही रितिक ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसके बाद ही सुरेंद्र को रास्ते सेहटाने की योजना बनाई गई थी। सुरेंद्र पर किए गए हमले में तंजील और भूरा हड्डी भी शामिल थे।

गुस्साएं परिजन ने किया चक्काजाम

वहीं सुरेंद्र कुशवाहा की हत्या के बाद गुस्साएं उसके परिजन ने लिंक रोड नंबर - 2 पट घंटों चक्काजाम भी किया था। सुरेंद्र का शव सड़क पर रखकट प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान सुरेंद्र की मां माला बेटे के शव से लिपटकट रोते हुए कहने लगी कि बेटा उठ जा, मैने क्‍या कसर छोड़ी जो तू मुझे छोड़कर इतना दूर चला गया। मेरा इकलौता सहारा तो तू ही था। मैं तेरे बगैर कैसे जी सकूंगी। उठ मेटे लाल..तू कुछ बोलता क्‍यों नहीं।' वहीं सुरेंद्र हत्याकांड के प्रत्यक्षदर्शियों के अलावा मृतक के परिजन के भी बयान दर्ज किए गए हैं।

Updated on:
22 May 2024, 10:53 AM IST
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