Christmas Protest : भोपाल में क्रिसमस ड्रेस का पोस्टर लगाने पर मुस्लिम संगठनों ने विरोध व्यक्त किया। ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने कहा- पश्चिमी सभ्यताओं से भारतीय नारी को बचाना है। वहीं, हिंदू उत्सव समिति ने इसपर पलटवार किया है।
Christmas Protest : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में क्रिसमस ड्रेस गर्ल का पोस्टर लगाने पर मुस्लिम संगठनों ने एकजुट होकर विरोध व्यक्त किया। ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने कहा- पश्चिमी सभ्यताओं से भारतीय नारी को बचाना है। वहीं इस पर हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने भी इसपर तीखी प्रतिक्रिया दी हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का सम्मान करना है तो पूरी तरह से करिए।
बता दें कि, राजधानी भोपाल में ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने क्रिसमस पर विरोध जताया। कमेटी के अध्यक्ष शमशुल हसन का कहना है कि, हमारा सीधा सा विरोध ये है कि, सभ्यता एकता को जो खतरा पश्चिम में सभ्यताओं से उत्पन्न हुआ है, उसको उसके लिए हम लोग जागरुक कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि देश के तमाम हमारे बहन बेटी बच्चे जो उसे पश्चिमी सभ्यता की ओर चले गए उनको वापस जोड़ने का काम करें। जो इस विदेशी सभ्यता को अपने मुल्क से बाहर करें। क्योंकि हमारे देश की नारी सब पर भारी है।
हसन के अनुसार, पोस्टर के जरिए हमने पश्चिमी सभ्यता को भी दर्शाया है।खाया है, यह ठीक नहीं है। इसलिए हम इसका विरोध करते हैं और 100 प्रतिशत अभियान चलेगा। घर-घर अभियान चलेगा। घर-घर जाकर बताएंगे कि, हमारे बच्चे इस कल्चर में न पड़े। हमारे देश की एकता-सभ्यता अलग है। ये अंग्रेजों की देन पश्चिमी सभ्यता है, जिसका हम विरोध करते हैं।
इस पर हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी की प्रतिक्रिया भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों ने आज भारतीय नारी सब पर भारी का नारा देकर पाश्चात्य संस्कृति का विरोध किया है। आप भी दिल से भारतीय संस्कृति का सम्मान करें, आपको बधाई। क्योंकि भुला हुआ घर वापस आ जाए तो उसे भुला नहीं कहते। आप सिर्फ दिखावा न करें। महिलाओं को बुरखे में न रखें। तीन तीन शादी नहीं बल्कि हिंदुओं की तरह एक पत्नी के होकर रहे।
तिवारी ने आगे ये भी कहा कि, उन्हें दर्जा दे न कि उपभोग की वस्तु समझें। विवाह 7 जन्मों का संबंध होता है। यो सब बातें अपने मुस्लिमों को तो समझाओ, सिर्फ अगर फोटो और वीडियो बनाने के लिए या टीवी पर चलने के लिए अगर भारतीय संस्कृति की बात करेंगे तो ये ठीक नहीं। अगर भारतीय संस्कृति का सम्मान करना है तो पूरी तरह करें। धर्म पत्नी, बहनों के रिश्ते समझें।