MP News: मध्यप्रदेश के 8 लाख से ज्यादा किसानों को राज्य सरकार की ओर से बड़ी राहत दी गई है।
MP News:प्रदेश के बुरहानपुर, विदिशा, सिवनी और बड़वानी जैसे 13 जिलों के 8.84 लाख किसानों की सोयाबीन, केला, मक्का, कपास और धान जैसी फसलें बारिश-पीला मोजेक बीमारी से प्रभावित हुईं। सरकार ने ऐसे किसानों के खेतों का 15 दिन के भीतर सर्वे कराया। 653.19 करोड़ रुपए की तत्काल राहत दी। सीएम डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने शुक्रवार को राशि सिंगल क्लिक से प्रभावितों व किसानों के खातों में ट्रांसफर की। सरकार चालू सीजन में अब तक किसानों व आम नागरिकों को बारिश, आपदा व विभिन्न तरह के नुकसान पर 878.26 करोड़ दे चुकी है। मुख्यमंत्री ने 13 जिलों के कई प्रभावितों से वर्चुअली बातचीत की।
सबसे ज्यादा नुकसान रतलाम और नीमच जिले में हुआ। रतलाम में सात तहसीलों के 892 गांवों के 2.06 लाख किसान तो नीमच में इतनी ही तहसीलों के 592 गांवों के 1.41 लाख किसानों की सोयाबीन फसल बर्बाद हुई। पीला मोजेक बीमारी ने मंदसौर जिले में ज्यादा तबाही मचाई। आठ तहसीलों के 858 गांवों में 3 लाख 49 हजार 356 किसानों की फसलें उक्त बीमारी से चौपट हो गई।
107 की मौत आकाशीय बिजली गिरने से।
394 की मौत पानी से जुड़ी दुर्घटनाओं में।
18 की जान गई दीवार, पेड़ व मकान गिरने से।
1906 पशुओं को नुकसान, मौत हुई
336 मकान पूरी तरह बर्बाद
5686 मकानों को आंशिक नुकसान।
84.24 करोड़ की राहत इन सभी मामलों में सरकार ने दी
11 जिलों के 17.500 किसानों को 6 सितंबर को 20.6 करोड़ रुपए दिए।
30 करोड़ की राहत 8 अगस्त को दी. इसमें फसल नुकसान शामिल नहीं।
878.26 करोड़ रुपए इस सीजन में विभिन्न तरह के नुकसान पर दिए जा चुके।