
Carbide Guns Injured :मध्य प्रदेश में दिवाली की धूम के बीच प्रचलन में आई 'कार्बाइड गन' चलाने से लोगों के घायल होने के अबतक कुल 320 मामले सामने आ चुके हैं। एक तरफ जहां शनिवार को सरकार ने पूरे राज्य में 'कार्बाइड गन' चलाने और बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है तो वहीं, दूसरी तरफ विपक्ष व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करते हुए सरकार को आड़े हाथों ले रहा है। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्बाइड गन से प्रभावित बच्चों का हालचाल जानने राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल पहुंचे।
हमीदिया के ब्लॉक-2 की 11वीं मंजिल पर स्थित नेत्र रोग वार्ड का दौरा करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव कार्बाइड गन से प्रभावित बच्चों और नागरिकों का स्वास्थ्य हाल जानने पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार संबंधी जानकारी ली। साथ ही, घायलों के समुचित इलाज करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी प्रभावित बच्चों और नागरिकों को उचित चिकित्सा सुविधा मुहैय्या करने के आदेश दिए। इसके अलावा, उन्होंने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से तत्काल सहायता देने के भी निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस तरह के मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। साथ ही, अवैध कार्बाइड गन के निर्माण और बिक्री पर थाना स्तर पर छापामारी और जांच की कार्रवाई करने को कहा है। पुलिस और प्रशासन की अलग अग टीमें लगातार छापामारी कर रही हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को नारियलखेड़ा में रहने वाले प्रशांत मालवीय, गरीब नगर छोला पर रहने वाले करण पंथी, भानपुर के आरिश और परवलिया सड़क के अंश प्रजापति से मुलाकात की। इनमें ज्यादातर घायल बच्चे किशोर हैं। अंश प्रजापति के अनुसार, वे किसी अन्य शख्स द्वारा कार्बाइड गन चलाने से घायल हुए थे, जबकि प्रशांत, करण और आरिश का कहना है कि, खुद ही इसका इस्तेमाल करते समय चोटिल हुए हैं।
घायलों के परिजन ने अस्पताल में हो रहे उपचार पर संतोष जताया। खासकर करण पंथी के परिवार का कहना है कि, अब वे और उनके पड़ोसी सभी जागरूक हैं और उनके पूरे इलाके ने इस घटना से सतर्क होकर 'कार्बाइड गन' जिस-जिसके पास थी, उसे नष्ट करा दिया है।