आयकर छापा: सर्विस टैक्स में गड़बड़ियों के मिले दस्तावेज, गहन जांच-पड़ताल जारी
भोपाल. भास्कर समूह के टैक्स रिटर्न की फाइलें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की इन्वेस्टिगेशन विंग ने भी खोल दी हैं। आयकर छापे में समूह के मॉल में स्पेस, प्रॉपर्टी बेचने, कपड़ा और कोयला कारोबार, बिजली खरीदी-बिक्री के जीएसटी से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। इनकी सभी कंपनियों के जीएसटीएन नंबरों के आधार पर इन कारोबारों में जमा किए गए टैक्स की जांच-पड़ताल की जा रही है। टैक्स चोरी के साथ जीएसटी में गड़बड़ियों की आशंका है। हालांकि छापे में मिले दस्तावेजों के संबंध में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स और सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स आपस में साझा करेगा।
भास्कर समूह ने डीबी मॉल के लिए 1.30 एकड़ सरकारी जमीन पर कर लिया था कब्जा
डीबी पॉवर के कोयला और बिजली खरीदी-बिक्री में केन्द्र सरकार के कुछ अधिकारियों पर भी आंच आ सकती है। कोयला आपूर्ति करने वाली कंपनियों से भी पूछताछ की जा सकती है। दस्तावेजों के आधार पर निवेशकों, समूह से जुड़े कारोबारियों और कंपनियों से भी पूछताछ शुरू की जाएगी। कंपनियों से बयान दर्ज करने के लिए इस केस को सेंट्रलाइज कर सातों राज्यों की इन्वेस्टिगेशन विंग के अफसरों को शामिल किया जा सकता है, ताकि ये अफसर इस समूह की अनियमित तरीके से मदद करने वाले अफसरों, नेताओं और निवेशकों से पूछताछ कर सकें।
छापे की कार्रवाई लगभग खत्म
इधर, आयकर छापे की कार्रवाई सातवें दिन बुधवार को भी जारी रही। दस्तावेजों की जांच का काम पूरा हो गया है। ऐसे में इसके देर रात तक खत्म होने की उम्मीद है। छापे मिले दस्तावेज, प्रॉपर्टी, सहित अन्य संपत्तियों के संबंध में अंडर टेकिंग ली जा रही है।
बैंक और सीए संदेह के घेरे में
शेल कंपनियों के नाम पर करोड़ों का कारोबार करने और लगातार घाटे के बाद कंपनियों को अरबों रुपए का कर्ज देने वाले बैंक अफसरों और सीए भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। इस समूह को राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के जरिए एसेट्स से ज्यादा कर्ज देने की जांच की जा सकती है। इस मामले में यहां के बैंकों की भूमिका अहम मानी जा रही है।
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