भोपाल

BJP: राजनीतिक नियुक्तियों की कवायद तेज, 95% नाम तय, जल्द होगा एलान

MP BJP: सूत्रों के मुताबिक, शाम 7.30 से रात 10.30 बजे चली बैठक में मुख्य बात निगम मंडलों, प्राधिकरणों और आयोगों में की जाने वाली राजनीतिक नियुक्तियों पर हुई। प्रत्येक नामों पर बारी-बारी से चर्चा की गई। 95 फीसद नाम तय कर लिए गए।
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Nov 14, 2025
MP BJP political appointments 95% names finalized
MP BJP political appointments 95% names finalized (फोटो सोर्स : पत्रिका क्रिएटिव)

MP BJP: कहने को तो गुरुवार को प्रदेश भाजपा व संगठन की छोटी टोली बैठक हुई, लेकिन इसमें कई बड़े विषयों पर जंबो चर्चा हुई। शाम 7.30 से रात 10.30 बजे चली इस बैठक में ज्यादातर विषयों का निपटारा किया गया। कुछ विषय लंबित रहे, जिन पर आगे चर्चा होगी। सूत्रों के मुताबिक मुख्य बात निगम मंडलों, प्राधिकरणों और आयोगों में की जाने वाली राजनीतिक नियुक्तियों(MP BJP political appointment) पर हुई। प्रत्येक नामों पर बारी-बारी से चर्चा की गई। 95 फीसद नाम तय कर लिए गए। बिहार चुनाव के परिणामों के बाद सूची जारी हो जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक कुछ मंत्रियों व विधायकों के अलग-अलग विषयों सामने आए मन-मुटावों को भी दूर करने के प्रयास किए गए। छोटी टोली की बड़ी बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत सभी मौजूद रहे।

समन्वय टोली की बैठक में शामिल

समन्वय टोली में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, जगदीश देवड़ा, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद एवं सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और राकेश सिंह शामिल हैं।

समन्वय टोली के सामने अभी ये है बड़ी चुनौतियां

  1. गुटबाजीः सत्ता-संगठन के सामनेबड़ी चुनौती गुटबाजी है। इसमें पार्टी के दिग्गज नेता भी शामिल हैं। इसकी बानगी कभी इंदौर तो कभी सागर, भोपाल और विंध्य सहित ग्वालियर-चंबल से भी उभरकर सामने आती रहती है।
  2. पार्टी लाइन भूलने वाले नेताः दूसरी बड़ी चुनौती पार्टी के वो नेता हैं जो पार्टी लाइन क्रॉस कर पार्टी की छवि धूमिल कर रहे हैं। जैसे इंदौर में नेम प्लेट पर कालिख पोतना और ग्वालियर में महिला मोर्चा की एक पदाधिकारी द्वारा सार्वजनिक मंच से पार्टी के नेता पर उत्पीड़न का आरोप लगाना। ऐसे मामलों ने पार्टी की छवि धूमिल की है।
Updated on:
14 Nov 2025 02:33 pm
Published on:
14 Nov 2025 01:13 pm