भोपाल

एमपी में EV पॉलिसी की हकीकत, इलेक्ट्रिक वाहन तो बढ़ रहे, चार्जिंग की व्यवस्था ही नहीं

EV Policy In MP : मध्य प्रदेश में ईवी पॉलिसी सिर्फ कागजों में...। अकसर वाहन चालक परेशान, न तो कोई एप बना और न शुरू हो पाई रेट्रोफिटिंग।
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EV Policy In MP
EV Policy In MP (एमपी में EV पॉलिसी की हकीकत Photo Source Patrika)

EV Policy :मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई ईवी पॉलिसी का अपेक्षित लाभ अभी तक नहीं मिल पाया है। प्रदेश में इलेंक्ट्रिक वाहनों की संख्या तो तेजी से बढ़ रही है, लेकिन चार्जिंग की व्यवस्थाएं नहीं हो पा रही हैं। हालत ये हैं कि, राज्य में लगभग 1.99 लाख ईवी हैं, जबकि सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन केवल 1146 के करीब ही हैं। खास बात ये है कि, चार्जिंग स्टेशन का पता लगाने के लिए न तो अबतक मोबाइल एप बन सका है और ना ही लाइव पोर्टल बना है। पॉलिसी में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन को ईवी मॉडल सिटी के तौर पर विकसित करने की बात कही थी, लेकिन यह भी नहीं हो पाया है।

ईवी खरीदने पर दी जाने वाली रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट भी सिर्फ एक साल के लिए थी, ये भी बंद हो चुकी है। मध्य प्रदेश ईवी पॉलिसी मार्च 2025 में लागू हुई थी। इसके बाद गाइडलाइन जारी कर दी गई। ईवी पॉलिसी में 5 साल में सभी दो पहिया वाहनों का 40 फीसद और चार पहिया का 15 फीसद ईवी के पंजीयन का लक्ष्य तय किया गया है। एक साल तक पंजीयन शुल्क छूट मिलने के कारण काफी तेजी से ईवी वाहनों की संब्या बढ़ी, लेकिन चार्जिंग इंफ्रा उस गति से नहीं बढ़ पाया, इससे ईवी खरीदने वाले परेशान हो रहे हैं।

पंजीयन शुल्क की छूट हुई खत्म

नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा बनाई ईवी पॉलिसी को प्रदेश में 27 मार्च 2025 को पांच साल के लिए लागू किया थी, लेकिन इसमें दो और चार पहिया वाहनों को मिलने वाली छूट की अवधि केवल एक साल तय की थी। हालांकि ई-बसों और ई-ट्रकों को ये छूट 27 मार्च 2027 तक मिलती रहेगी, क्योंकि इनकी छूट दो साल के लिए लागू की गई थी। एक साल की अवधि खत्म हो चुकी है। नगरीय विकास विभाग ने परिवहन विभाग को छूट की अवधि आगे बढ़ाने लिखा था, लेकिन अभी तक इस संबंध में फैसला नहीं हो सका है।

25 हजार तक प्रोत्साहन राशि!

ईवी पॉलिसी में रेट्रोफिटिंग यानी 15 साल पुराने पेट्रोल-डीजल वाहन को ईवी में बदलवाने का प्रावधान करते हुए इसके लिए भी एक साल तक छूट घोषित की गई थी। जबकि अभी तक किट नहीं मिल पाने के कारण रेट्रोफिटिंग का काम ठीक से शुरू ही नहीं हो पाया और यह छूट की अवधि खत्म हो गई। पॉलिसी में शर्त है कि ईवी में यह बदलाव ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया और इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव ट़ेनोलोजी द्वारा प्रमाणित तकनीक के साथ होने पर ही छूट दी जाएगी। पॉलिसी में रेट्रोफिटिंग पर दो पहिया को 5 हजार प्रति वाहन, तीन पहिया को 10 हजार और कार को 25 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि घोषित की गई थी।

यह प्रावधान भी जमीन पर नहीं उतर पाए

-ईवी के चार्जिंग पॉइंट की लोकेशन पता करने के लिए मोबाइल एप नहीं बना है। लाइव पोर्टल नहीं बनने से विभाग के पास ईवी और चार्जिंग इंफ्रा का सही डेटा ही उपलब्ध नहीं।

-एमपी ईवी संवर्धन बोर्ड का गठन अभी तक नहीं हुआ। इसे अंतर विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने और विभिन्न मुद्दों का समाधान निकालने के लिए बनाया जाना था।

-प्रदेश में ईवी उद्योग के लिए आवश्यक कौशल के साथ कार्यबल तैयार करने के लिए नीति में इंजीनियरिंग कॉलेजों, आइटीआइ में ईवी संबंधित पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रावधान था। लेकिन ये भी शुरू नहीं हो सके, जहां पहले से चल रहे थे, वही चल रहे हैं।

खास बातें

01.99 ईवी वाहन पूरे प्रदेश में
1146 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन
27 मार्च 2025 में लागू हुई थी ईवी पॉलिसी

Published on:
25 Jun 2026 08:36 am