भोपाल

40 साल से ‘कट्टे-पिस्टल’ बना रहे थे बाप-बेटे और पोते, भोपाल में हुआ भंडाफोड़

Arms network: जांच में यह भी सामने आया कि मध्यप्रदेश में पुलिस की कार्रवाई तेज हुई तो आरोपी हथियारों की सप्लाई उत्तर प्रदेश के कई जिलों में करते थे।

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Jun 09, 2026
Arms network:
Arms network: प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

Arms network: एमपी के भोपाल शहर में तीन पीढ़ियों से कट्टे और पिस्टल की फैक्ट्री चलाने वाले गिरोह का क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है। इस दौरान पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी नरेंद्र परमार को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला है कि परिवार 40 साल से अवैध हथियार बनाने का कारोबार कर रहा था। एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि यह निशातपुरा क्षेत्र में रहने वाले कुछ लोग वाहन चोरी और अवैध हथियारों के कारोबार से जुड़े हुए है। इसके बाद टीम ने छापा मारकर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया था।

टीकमगढ़ में दी दबिश

करौंद निवासी मुख्तार खान ने बताया कि उसने यह पिस्टल टीकमगढ़ निवासी सुरेंद्र विश्वकर्मा से 32 हजार में खरीदी थी। पुलिस टीकमगढ़ गई तो पता चला कि चंदेरी निवासी सुरेंद्र विश्वकर्मा अवैध हथियार बनाने का कारोबार कर रहा था।

पिस्टल सहित कच्चा माल किया जब्त

छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से एक देसी पिस्टल, तीन अधबनी पिस्टल, कारतूस, मैगजीन, लोहे के फ्रेम, स्प्रिंग, ट्रिगर सहित बड़ी मात्रा में मशीनें और कच्चा माल जब्त किया है।

बेटा और पोता बनाते थे पिस्टल

पुलिस ने बताया कि आरोपी सुरेंद्र के पिता आनंदी विश्वकर्मा ने करीब 40 साल पहले कृषि उपकरण बनाने की आड़ में हथियार बनाना शुरू किया था। बाद में उसने अपने बेटों और पोतों को भी इस काम में शामिल कर लिया। परिवार के सदस्य हथियार बनाने लगे ताकि कारोबार की जानकारी बाहर न पहुंच सके। जांच में दो अवैध फैक्ट्रियों का खुलासा हुआ है। एक फैक्ट्री सुरेंद्र के घर पर चल रही थी, जबकि दूसरी टीकमगढ़ के रामगढ़ क्षेत्र स्थित एक वेयरहाउस में चलाई जा रही थी। वेयरहाउस खेतों के बीच में था। फैक्ट्री में लेथ मशीन, वेल्डिंग मशीन और अन्य उपकरणों की मदद से पिस्टल और कट्टे बनाए जाते थे।

एमपी सहित यूपी में होती थी सप्लाई

जांच में यह भी सामने आया कि मध्यप्रदेश में पुलिस की कार्रवाई तेज हुई तो आरोपी हथियारों की सप्लाई उत्तर प्रदेश के कई जिलों में करते थे। तस्करी में मुख्य आरोपी नरेंद्र सिंह परमार, सुरेंद्र विश्वकर्मा, सैफ अली उर्फ रिंकू, मुमताज अली और आनंदी विश्वकर्मा समेत अन्य लोगों की भूमिका रही है। पुलिस फरार सहयोगियों की तलाश कर रही है।

Published on:
09 Jun 2026 01:37 pm