Gold Price: मध्यप्रदेश के गोल्ड-सिल्वर मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट को आप इसे 'तूफान से पहले की शांति' मान सकते हैं। ये गिरावट ज्यादा लंबी नहीं, एक बार फिर पुराने रिकॉर्ड बनाएगा सोना... जाें 2026 में सोना कैसे तय कर सकता है बड़े बूम का सफर...
Gold Price: पिछले कुछ दिनों से सोना-चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इस गिरावट ने आम लोगों को बड़ी राहत दे दी है। लेकिन मध्यप्रदेश के बुलियन मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आप इसे 'तूफान से पहले की शांति' मान सकते हैं। प्रदेश के बड़े सराफा बाजार रतलाम और इंदौर को माना जाता है। इंदौर में जहां 22 कैरेट सोने के भाव आज 1,39,700 पर खुले हैं, तो 24 कैरेट के 1,52,400 पर। वहीं दुनिया भर में ट्रिपल एस के नाम से मशहूर रतलाम में 24 कैरेट सोना 1,52,500 रुपए प्रति 10 ग्राम वहीं 22 कैरेट सोना 1,39,800 पर आ गया। वहीं चांदी करीब 2 लाख रुपए तक नीचे आ गई है। लेकिन क्या मार्च के बाद सोना रिकॉर्ड तोड़ महंगा हो सकता है?
बाजार विशेषज्ञों और वैश्विक आर्थिक संकेतों की मानें तो मार्च 2026 के बाद सोना 1.75 लाख से 2 लाख तक के रिकॉर्ड स्तर को छू सकता है।
बाजार के पंडितों ने बताया शादियों का सीजन और अक्षय तृतीया मार्च के बाद भारत में शादियों का सीजन और फिर अक्षय तृतीया की मांग शुरू हो जाएगी। भारत में सोने की मांग का सीधा असर वैश्विक कीमतो पर पड़ता है।
अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित कटौती निवेशकों को डॉलर से हटाकर सोने की तरफ ले जाएगी। जब डॉलर कमजोर होता है, सोना रॉकेट की तरह उड़ जाता है।
भारत का RBI और दुनिया के अन्य केंद्रीय बैंक लगातार गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे हैं। इससे बाजार में सप्लाई कम और डिमांड ज्यादा हो रही है।
यहां शुद्धता का प्रीमियम होता है, रतलाम के व्यापारी साख के कारण भाव अक्सर थोड़े ऊंचे या लगभग बराबर ही रहते हैं। यहां प्रदेश भर के लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं। सुनें- रतलाम से आशीष पाठक की रिपोर्ट-
सर्राफा बाजार एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यहां वॉल्यूम गेम चलता है। थोक व्यापार ज्यादा होने के कारण यहां भावों में उतार-चढ़ाव सबसे पहले देखने को मिलता है।-इंदौर से विशाल माते की रिपोर्ट-
कुछ वर्षों में बड़े राष्ट्रीय और क्षेत्रीय ज्वेलरी ब्रांड्स ने छोटे और मध्यम शहरों में भव्य शोरूम खोले हैं। इसका सर्राफा बाजार पर गहरा प्रभाव पड़ा है। चांदी-सोना निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित माने जाते हैं।
-बसंत सोनी, उपाध्यक्ष सर्राफा एसोसिएशन
राजधानी भोपाल का बाजर रिटेल और मेकिंग चार्जेस पर आधारित है। जहां मध्यमवर्गीय खरीदारों के लिए अक्सर डिस्काउंट स्कीम्स चलती रहती हैं। भोपाल से संजना कुमार की रिपोर्ट-
अगर आप 2026 में मार्च के बाद से अंत तक का नजरिया रखते हैं, तो वर्तमान गिरावट खरीदारों के लिए सुनहरा मौका है। चांदी जो अभी 3 लाख के आसपास संघर्श कर रही है, उसके दिसंबर तक 5.5 लाख से 6 लाख तक पहुंचने के आसार हैं। तो वहीं सोना 2025 की तरह 2026 में बड़े तेवर दिखा सकता है। 2025 में जहां पहली बार 22 अप्रेल को 1 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया था। वहीं 2026 में यह 2 लाख का आंकड़ा छू सकता है।
एक्सपर्ट कहते हैं कि अभी सोना-चांदी के भाव और गिर सकते हैं। लेकिन करेक्शन का ये दौर ज्यादा दिन का नहीं हैं। मार्च के बाद बाजार में तेजी आएगी। और नया रिकॉर्ड भी बन सकता है। ऐसे में ये सुनहरा मौका है खरीदारों के लिए और निवेशकों के लिए।
साल- कीमतें
1964 - 63 रुपए
1980-1330 रुपए
1990- 3200 रुपए
2000-4400 रुपए
2010-18,500 रुपए
2020-48,651 रुपए
2023-65,330 रुपए
2024-77,913 रुपए
2025-1,01660 रुपए
1964 में सोने का भाव केवल- 63/10 ग्राम था, आज से 61 साल पहले
1980 में यह पहली बार 1000 को पार कर गया
2000 में यह सिर्फ 4,400 भाव था
2020 कोविड के दौर में भाव उछले और सोना 48, 651 पर पहुंच गया
2025 में एक एमपी समेत भारत के इतिहास में सोने का नया रिकॉर्ड बना और ये एक लाख रुपए के स्तर को पार कर गया
2020-2025 इन 5 सालों में सोने के भाव दोगुने हुए, ये सबसे बड़ी छलांग थी जो सर्राफा मार्केट के इतिहास में दर्ज हो गई।
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि वैश्विक बाजारों में भारी मंदी, डॉलर कमजोर हो जाए और निवेशक सुरक्षित संपत्ति यानी गोल्ड में पूरी तरह शिफ्ट हो जाएं तो बाजार 1.75 लाख से 2 लाख या उससे कुछ ऊपर के आसपास बूम कर सकता है। लेकिन इन अनुमानों पर बड़ी अस्थिरता और अनिश्चितता होती है। ये इफ और बट जैसा परिदृ्श्य है। जिसे सभी एक्सपर्ट अपना अलग अनुमान जता रहे हैं। यह तेजी मार्च के बाद खासतौर पर 2026 के अंत में दिखने की संभावना है। तो चांदी 6 लाख तक पहुंचने के आसार हैं, जबकि एक रिपोर्ट के मुताबिक 2026 में सोना दिवाली 2026 तक 1.45 लाख से 1.50 लाख तक जा सकता है।