
Government buses- एमपी में 21 साल बाद सडकों पर फिर सरकारी बसें दौड़ेंगी। राज्य सरकार इसके लिए मुख्यमंंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा के नाम से बस सेवा बहाल करने जा रही है। सेवा की 1 जुलाई से शुरुआत होगी। इसके लिए सबसे पहले इंदौर संभाग को चुना है। क्रमवार यह सेवा अन्य संभागों में भी शुरू होगी। इसके लिए कुल 1164 मार्ग तय किए गए हैं। इन रूटों पर 5206 बसें चलेंगी। राज्य सरकार इन बसों को एक राज्य स्तरीय व 7 क्षेत्रीय कंपनियों के जरिए चलाएगी। परिवहन विभाग निगरानी करेगा। प्रदेश में एक से दूसरे जिलों, ग्रामीण क्षेत्रों और पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तरप्रदेश, राजस्थान के प्रमुख शहरों तक दौड़ेंगी।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को हुई राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के संचालक मंडल की बैठक में परिवहन विभाग के रोडमैप को मंजूरी दे दी। बैठक में परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह व मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत अन्य अफसर भी मौजूद थे। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने तैयारियों का ब्योरा दिया।
सरकार ने साफ किया, निजी ऑपरेटरों को वर्तमान में जो परमिट दिए गए हैं, उस पर सुगम लोक परिवहन सेवा के शुरू होने से असर नहीं पड़ेगा। बता दें, ऑपरेटरों को डर था कि परमिट सरेंडर कराए जाएंगे और नए सिरे से बसों का संचालन होगा। नई व्यवस्था में ऐसी कोई तैयारी नहीं है। सरकार ने नए रूट और नए समय पर बसें दौड़ाने का फैसला लिया है।
बता दें कि 21 साल पहले सन 2005 में मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम (सपनि) बंद हुआ था। इसके बाद पहली बार सरकारी वाहन सेवा प्रारंभ की जा रही है।
7 क्षेत्रीय मुख्यालयों के सातों शहर से मप्र के जिला मुख्यालयों के लिए 620 रूट तय।
2432 बसें चलेंगी।
इंदौर से अन्य जिलों के 121 रूट पर 608 बसें।
इंदौर-भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, जबलपुर, रीवा में सिटी बसें चलेंगी।
सिटी रूट के तहत इंदौर में कुल 28 रूट पर शहर के अंदर और उप नगरीय क्षेत्र भी तय।
784 बसें चलेंगी।
इनमें पीएम ई-बस सेवा की 150 बसें भी।
इंदौर से महाराष्ट्र, गुजरात, यूपी, राजस्थान के 101 रूट पर 276 बसें
इंदौर से इंटर सिटी/स्टेट 250 रूट तय, 1688 बसें चलेंगी।
कंपनियों में भर्ती की मंजूरी।
होल्डिंग कंपनी में 7 विभाग।
अन्य कंपनियों में भी भर्तियां।