
Bhopal News : गुजरात की कंपनी ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सरकारी दफ्तर में 73.75 लाख रुपए के भुगतान संबंधी फर्जी बैंक डीड प्रस्तुत कर दिए। वित्त शाखा में छानबीन के दौरान फर्जीवाड़ा सामने आ गया। मामले की शिकायत एमपी नगर थाने में की गई। वहीं, कोलार इलाके में एक निजी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर को साइबर ठगों ने ट्रेङ्क्षडग में मुनाफे का झांसा देकर 32.40 लाख रुपए की चपत लगा दी। दोनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एमपी नगर थाने के एसआई शिवेन्द्र पाठक ने बताया कि, साउथ गुजरात कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने शहरी विकास के एमपी नगर जोन- 1 स्थित कार्यालय में जल संबंधी कार्य ठेके पर लिया था। कंपनी द्वारा प्रस्तुत कागजातों में पाया गया, 73.75 लाख रुपए के भुगतान संबंधी कागजात कूटरचित हैं। गड़बड़ी सामने आने के बाद वित्त विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सौरभ तिवारी की ओर से थाने में शिकायत की गई। पुलिस ने कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।
कोलार पुलिस के मुताबिक, डॉ. कृष्णानंद एक निजी मेडिकल कॉलेज में सर्जन हैं। नवंबर, 2025 में सोशल मीडिया के माध्यम से अनु मारिया से फोन पर बातचीत हुई थी। महिला ने डॉक्टर को बताया, वह ट्रेडिंग का काम करती है। इस दौरान आरोपी महिला ने डॉक्टर को वॉट्सऐप पर लिंक भेजकर निवेश कराया था। अलग-अलग किस्तों में उन्होंने 32.40 लाख रुपए जमा कर दिए थे। जब रकम निकालने की बात आई तो वह पैसों की डिमांड करने लगी, फिर फोन बंद कर लिया। तब डॉक्टर की शिकायत पर अनु मारिया के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है।
इसी तरह, कोहेफिजा थाना क्षेत्र में एक 26 वर्षीय वर्णिता मिश्रा से पॉलिसी की किस्त भरवाने के नाम पर 9.95 लाख रुपए निकाल लिए गए। वहीं, बागसेवनिया थाना क्षेत्र निवासी आशीष पवार का फोन अपडेट होते ही खाते से 82 हजार रुपए निकाल लिए गए। इसके अलावा, टीटी नगर निवासी एकांश अग्रवाल से क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वाने के नाम पर 1.20 लाख रुपए, कोटरा सुल्तानाबाद थाना कमला नगर निवासी प्रभा कोष्टा से 90 हजार, पुलिस लाइन नेहरू नगर निवासी राजेंद्र बहादुर ङ्क्षसह से 1.95 लाख, साकेत नगर निवासी रीना और बिलखिरिया थानांतर्गत कोकता ट्रांसपोर्ट नगर निवासी प्राची करसोलिया के साथ भी सायबर ठगी हुई।