
Heart Health Alert: पानी का सेवन कम कर देते हैं, लेकिन ये हृदय और किडनी के लिए गंभीर खतरा है। ए्स , हमीदिया और जेपी अस्पताल की ओपीडी में रोजाना ऐसे 75 से 100 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें पानी की कमी के कारण हृदय से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं।
डॉक्टर इसे हिडन डिहाइड्रेशन यानी छुपा हुआ निर्जलीकरण बता रहे हैं, जो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। विशेषज्ञों के अनुसार पानी की कमी से रक्त गाढ़ा हो जाता है। इससे थक्का बनने की आशंका बढ़ती है, जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बनता है। गाढ़ा खून पंप करने में हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे रक्तचाप बढ़ता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
भोपाल के हमीदिया अस्पताल के हृदय विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव गुप्ता के अनुसार सर्दियों में कई हार्ट मरीज परेशान हो रहे हैं क्योंकि वे पर्याप्त पानी नहीं पी रहे। ठंड के मौसम में हृदय रोगियों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
डॉक्टरों का कहना है कि यह भ्रम गलत है कि सिर्फ गरम पानी ही फायदेमंद होता है। असल जरूरत शरीर की मांग के अनुसार नियमित पानी पीने की है। पानी कम होने से किडनी पर भी असर पड़ता है और किडनी स्टोन व संक्रमण का खतरा बढ़ता है।