
MP Weather :मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसूनी बारिश जोर पकड़ लिया है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय होकर आगे बढ़ा मजबूत सिस्टम अगले दो दिन सूबे के पूर्वी जिलों में मुसलाधार बारिश का कारण बनने जा रहा है। हालांकि, बाद में इसका प्रभाव पश्चिमी प्रदेश पर भी दिखाई देगा। वहीं, राजधानी भोपाल स्थित राज्य मौसम विभाग ने सोमवार यानी आज प्रदेश के सीधी, मऊगंज और डिंडौरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा प्रदेश के सतना, पन्ना, दमोह, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यानी पूर्वी मध्य प्रदेश के बड़े इलाके में अगले 24 घंटे मौसम प्रणाली बेहद सक्रिय रहने की संभावना है।
वहीं, प्रदेश के भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रीवा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में भी कहीं तेज तो कहीं मध्यम बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, 15 से 21 अगस्त तक प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 15 से 19 अगस्त के बीच पूर्वी हिस्से में तेज बारिश के आसार बने रहेंगे। इसके बाद पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का जोर बढ़ने के आसार हैं। भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभाग भी सिस्टम के प्रभाव से अछूते नहीं रहेंगे। इन क्षेत्रों में 17, 18 और 19 अगस्त को अधिकतर जिलों में तेज बारिश दर्ज हो सकती है।
प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक 544.4 मिलीमीटर यानी करीब 21.4 इंच बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 618.8 मिलीमीटर यानी 24.4 इंच बारिश होना थी। इस हिसाब से प्रदेश में अपने औसत वर्षा के रिकॉर्ड से करीब 3 इंच बारिश कम दर्ज हुई है। ऐसे में ये कुल बारिश का 12 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 6 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड हुई है।