भोपाल

वेक्सीन लगवानेवालों पर भी बढ़ा खतरा, दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सावधान

शुरुआत में कम खतरनाक दिख रही तीसरी लहर तेजी से संक्रामक बन चुकी है
2 min read
• •
Updated: 23 Jan 2022, 11:20 AM IST
vaccine.png

भोपाल. मध्यप्रदेश में कोरोना कहर ढा रहा है. शुरुआत में कम खतरनाक दिख रही तीसरी लहर तेजी से संक्रामक बन चुकी है. रोज मिलनेवाले मरीज 11 हजार से ज्यादा हो चुके हैं जबकि हर तीसरा सेंपल कोरोना पाजिटिव आ रहा है. एक्सपर्ट और डाक्टर्स बताते हैं कि वैक्सीन लगे हुए लोगों में भी नए वेरिएंट ओमिक्रोन के लक्षण दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में बेहद सावधानी बरतना जरूरी हो चुका है.

प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर बेहद घातक और जानलेवा साबित हुई थी. जब वेक्सीन आई तो खुशी जाहिर की गई और प्रदेश में लोगों ने रिकार्ड संख्या में वेक्सीन लगवाई. उम्मीद जाहिर की जा रही थी कि अब कोरोना का प्रकोप ज्यादा नहीं होगा पर तीसरी लहर में ऐसे लोग भी अधिक संख्या में संक्रमित हो रहे हैं जोकि वेक्सीनेटेड हो चुके हैं.

डाक्टर्स के अनुसार वेक्सीन लगवाने के बाद कुछ ऐसे लक्षण सामने आते हैं जिससे ओमिक्रान संक्रमण का पता चलता है. वैक्सीन लगे हुए लोगों में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के लक्षण कुछ अलग तरह से दिखाई देते हैं.

डा. वीके मेहतो के अनुसार नया ओमिक्रोन वेरिएंट (Omicron Variant) पुराने डेल्टा वेरिएंट की तुलना में हल्का है. इससे संक्रमित अधिकतर मरीजों में सर्दी जैसे लक्षण विकसित होते हैं और अपने आप ठीक हो जाते हैं. जिन लोगों ने कोविड-19 की दोनों डोज लगवा ली हैं, उन्हें ओमिक्रान के संक्रमण से गले में खराश की तकलीफ हो सकती है.

वेक्सीन लगवा चुके लोगों में इस तरह दिखाई देते हैं ओमिक्रोन के लक्षण
गले में खराश के अलावा वेक्सीनेटेड लोगों को ओमिक्रान संक्रमण के कारण अकारण थकान लग सकती है. ऐसे लोगों को बुखार आने के साथ ही शरीर में दर्द बना रह सकता है. वेक्सीनेटेड लोगों को ओमिक्रान संक्रमण के कारण रात को पसीना भी आ सकता है. ये ओमिक्रोन संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं.

एक्सपर्ट के अनुसार छींकना, नाक बहना जैसे लक्षण दिखे तो इन्हें भी बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करें. क्योंकि ओमिक्रोन के लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए. ऐसे में आपको अपने आप का खास ख्याल रखने की जरूरत है.

हालांकि एक्सपर्ट ये भी कहते हैं कि वैक्सीन न सिर्फ गंभीर संक्रमण से बचाने में मददगार साबित होती है, बल्कि अस्पताल में भर्ती और संक्रमण से मौत के जोखिम को भी कम करती है. ज्यादातर लोगों के वेक्सीनेटेड हो जाने के कारण ही ओमिक्रान अभी तक ज्यादा जानलेवा नहीं हो सका है.

Published on: