CM Mohan Yadav- एमपी का आर्गेनिक कॉटन विदेशियों को खूब लुभा रहा है। इसकी अनेक देशों में डिमांड है।
CM Mohan Yadav- एमपी का आर्गेनिक कॉटन विदेशियों को खूब लुभा रहा है। इसकी अनेक देशों में डिमांड है। धार के पीएम मित्रा पार्क से टेक्सटाइल सेक्टर में मध्यप्रदेश को नया आयाम मिलेगा, प्रदेश टेक्सटाइल हब बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को कोलकाता इंटरैक्टिव सेशन में यह बात कही। उन्होंने एमपी में निवेश के लिए उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा की। कोलकाता में मध्यप्रदेश में 14600 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनसे 16900 रोजगार प्राप्त होंगे। सीएम मोहन यादव ने एमपी की खूबियां बताते हुए कहा कि प्रदेश में विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और सहज कनेक्टिविटी है, एमपी ऑर्गेनिक कॉटन और गारमेंट उद्योग का हब है। उन्होंने मध्यप्रदेश को अपार संभावनाओं और स्थिरता का आदर्श निवेश स्थल बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में उत्पादित आर्गेनिक कॉटन की मांग अनेक देशों में है। प्रदेश टेक्सटाइल का हब बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की शुद्ध और ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन क्षमता इसे टेक्सटाइल निवेश के लिए विशेष बनाती है।
कोलकाता के.जे. डब्ल्यू मैरियट होटल में निवेश संभावनाओं पर इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमि-पूजन करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितम्बर को धार जिले में आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों का आहवान किया कि वे मध्यप्रदेश आएं, राज्य सरकार निवेशकों को पीएम मित्रा पार्क में हर संभव सहायता और सुविधा उपलब्ध करवायेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोलकाता की समृद्ध सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा का सम्मानपूर्वक जिक्र करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाषचंद्र बोस और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महापुरुषों ने देश को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि यह प्रेरक इतिहास और बौद्धिक परंपरा उद्योग जगत को भी प्रेरणा देती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कोलकाता में 12 से अधिक उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा की। सेशन में 300 से अधिक प्रतिभागियों ने भागीदारी की।
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि अपनी प्राकृतिक संपदा और निवेशक-हितैषी नीतियों के कारण मध्यप्रदेश उद्योगों का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। राज्य में एक लाख एकड़ से अधिक का इंडस्ट्रियल लैंड बैंक, मजबूत एयर कनेक्टिविटी और विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना उपलब्ध है। मध्यप्रदेश कॉपर, मैंगनीज और डायमंड का सबसे बड़ा उत्पादक है और सीमेंट उत्पादन में भी अग्रणी है। प्रमुख सचिव ने बताया कि नर्मदापुरम के पास स्थापित औद्योगिक क्षेत्र को 880 एकड़ तक विस्तारित किया गया है।
रुइया ग्रुप के सीएमडी पवन कुमार रुइया ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को देश के सबसे शिक्षित, सरल और दूरदर्शी मुख्यमंत्रियों में से एक बताया। श्याम मेटालिक्स के चेयरमैन, प्रबंध निदेशक तथा इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पुष्कर अग्रवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि, माइनिंग और ऊर्जा सेक्टर में अपार संभावनाएं है। उन्होंने जल्द ही 4000 करोड़ का नया निवेश करने का इरादा जाहिर किया।
प्रताप ग्रुप के डायरेक्टर हर्ष अग्रवाल ने मध्यप्रदेश को भारत में बिजनेस और इंडस्ट्री के लिए सबसे आकर्षक स्थलों में बताया।
रूपा इंडस्ट्री के केव्ही अग्रवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में गारमेंट, टेक्सटाईल एवं माइनिंग सहित हर सेक्टर में अपार संभावनाएं है। सेशन में मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों, सुविधाओं, नीतियों, आधारभूत संसाधनों सहित अन्य निवेश प्रोत्साहन पर आधारित शॉट फिल्म प्रदर्शित की गई।
उद्योगपति का नाम- कम्पनी- सेक्टर- निवेश राशि (करोड़ में) - अनुमानित रोजगार
पवन कुमार रूईया- रूईया ग्रुप- मल्टी- 4200 - 5000
ज्ञानेश चौधरी- विक्रम सोलार- नवकरणीय ऊर्जा -10150- 9000
यशवर्धन अग्रवाल- इसेन बायोग्रीन प्रा.लि./आयुरवृद्धि- फूड प्रोसेसिंग- 150- 400
विपुल कंसाल- अजंता शूज- फुट वियर 100- 2500