Kailash Vijayvargiya Leave Controversy: भागीरथपुरा में मौतें, धार में तनाव और राष्ट्रीय कार्यक्रमों के बीच मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की छुट्टी सवालों में है। सीएम, जनता और सोशल मीडिया के लिए अलग-अलग कारण बताए गए, जबकि अवकाश में वे कई जगह सक्रिय नजर आए।
MP News: एमपी के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने अवकाश मांगने के लिए स्कूली बच्चों जैसी चालें चलीं, जो उनके समय पूर्व लौटते ही उजागर हो गईं है। असल में मंत्री कैलाश ने छुट्टी के लिए बाकायदा लिखित आवेदन दिया था। सीएम डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) के नाम से प्रेषित उक्त आवेदन में पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए कहा, वे 19 से 30 जनवरी तक अवकाश पर रहेंगे। यह आवेदन 13 जनवरी को दिया जबकि 7 दिन बाद 20 को मंत्री निज सचिव अभिमन्यु सिंह चौहान ने जनता को जानकारी दी कि परिवारिक मित्र के घर गमी हो गई है इसलिए उन्होंने सभी आगामी कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं।
हालांकि मंत्री कैलाश अवकाश अवधि में कई जगह स्पॉट हुए। सबसे पहले उन्हें अशोकनगर में देखा गया, फिर वे राजधानी में आरएसएस के समिधा कार्यालय में भी दिखे। वहीं खरगोन स्थित मुनिश्री के आश्रम में संतजनों से भेंट के पल उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर साझा किए।
मंत्री विजयवर्गीय तय समय से पहले ही अवकाश से लौट आए है। गुरुवार को उन्होंने इंदौर में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष के साथ एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर बैठक की। इसमें महापौर पुष्यमित्र भार्गव, संभागायुक्त सुदाम खाडे, कलेक्टर शिवम वर्मा समेत अन्य शामिल रहे। बता दें कि मंत्री विजयवर्गीय ने स्वयं अपने पत्र में कहा था कि वे 30 जनवरी तक किसी भी सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
जिस समय मंत्री विजयवर्गीय ने अवकाश लिया, उस समय इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से लोगों की मौत हो रही थी। धार के भोजशाला में 23 को बसंत पंचमी में हिंदू पक्ष अखंड पूजा और मुस्लिम पक्ष नमाज के लिए अड़ा था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था में सब शांतिपूर्वक निपट गया। यही नहीं, मंत्री विजयवर्गीय धार व सतना के प्रभार भी हैं। उन्हें दोनों में से किसी एक जिले में 26 जनवरी को राष्ट्रीय ध्वज भी फहराना था। लेकिन इन बड़े कामों को छोड़कर वे छुट्टी पर चले गए। (MP News)