शराब पीते पकड़े जाने पर आपराधिक मामला कायम होगा। इसके तहत जुर्माना और सजा का प्रावधान रहेगा।
भोपाल। गुजरात,बिहार की तरह ही अब एक ओर राज्य शराबबंदी की ओर अग्रसर हो चुका है। जिसमें धीरे धीरे शराबबंदी की प्रोसेस की जा रही है। जी हां हम बात कर रहे है मध्यप्रदेश की, जहां आज यानि बुधवार को शिवराज की कैबनेट बैठक में नई आबकारी नीति पर विचार किया जा रहा है।
शिवराज कैबनेट की बैठक सुबह शुरू होनी थी, लेकिन सीएम की तबियत खराब होने के कारण ये अब दोपहर 3.30 बजे से शुरू होगी। बैठक में मुख्य मुद्दा नई आबकारी नीति liquor ban in mp latest in hindi को बताया जा रहा है। कैबनेट के ये फैसले 1 अप्रैल से लागू होंगे।
इससे पहले सिंहस्थ के समय भी शिवराज की ओर से शराबबंदी करने की घोषणा कर चुकी थी, यहां उनका कहना था कि हम जनआंदोलन चलाकर लोगों को जागरुक करते हुए शराबबंदी लागू करेंगे। वहीं पत्रिका ने इसके लिए एक मुहिम भी चलाई थी, जिसके बाद सरकार ने इस दिशा में कदम आगे बढ़ाया है।
दरअसल जो सूचना सामने आई है उसके अनुसार मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने प्रदेश के नौ क्षेत्रों को ड्राय-जोन घोषित करने की तैयारी कर ली है। इसके लागू होने के बाद इन क्षेत्रों में शराब बेचने के साथ ही पीना भी प्रतिबंधित होगा। जबकि शराब पीते पकड़े जाने पर आपराधिक मामला कायम होगा।
इसके तहत जुर्माना और सजा का प्रावधान रहेगा। जबकि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर आपराधिक धाराएं लगेंगी। इसके साथ ही कार में बैठकर शराब पीना भी अपराध की श्रेणी में आएगा।
कहा जा रहा है कि राज्य सरकार ने ड्राय जोन का कॉन्सेप्ट अमरीका के नार्थ-कैरेलिना राज्य से लिया है। वहां राज्य सरकार ड्राय-जोन घोषित करती है। इसी तर्ज पर प्रदेश में नौ स्थानों को ड्राय-जोनliquor ban in mp बनाने की तैयारी है। कैबिनेट में ड्राय-जोन घोषित करने का अधिकार वाणिज्यकर विभाग को सौंपा जा सकता है। इसमें नर्मदा किनारे शामिल हो सकते हैं, क्योंकि वहां 5 किमी दायरे में शराब की दुकानें बंद कराई गई हैं।
नई नीति के प्रावधान
- अवैध शराब बेचने पर दस साल सजा व दस लाख रुपए का जुर्माना।
अभी दो साल सजा व 1 से 4 हजार तक जुर्माना है। इसी कारण यह अवैध धंधा रुक नहीं पा रहा है।
- रेस्टोरेंट-बार में शराब पीना महंगा होगा। इसके लिए एफएल 2 शुल्क में बढ़ोतरी होगी।
- शराब के नशे में अपराध पर कोई रहम नहीं होगा। आपराधिक धारा लगेगी। प्रावधान कड़े होंगे। नशे के हाल में अपराध पर अक्सर न्यायालय में मानसिक स्थिति के मद्देनजर रियायत मिल जाती है।
- स्कूल-कॉलेज-गल्र्स होस्टल, धार्मिक स्थान और पवित्र नदियों के समीप दुकानें सख्ती से बंद की जाएंगी। अभी तक निर्देश होने के बावजूद ऐसे स्थानों पर दुकानें नहीं हट पाईं हैं।
वहीं पिछले साल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से शराब की सभी दुकानें बंद कर प्रदेश में शराबबंदी लागू की जायेगी। प्रदेश में चल रही नर्मदा सेवा यात्रा के 113वें दिन नरसिंहपुर जिले के ग्राम नीमखेड़ा में जनसंवाद कार्यक्रम में कल शाम चौहान ने कहा, ‘‘प्रदेश में चरणबद्घ तरीके से शराब की सभी दुकानें बंद कर शराबबंदी लागू की जायेगी।’ उन्होंने कहा, ‘प्रथम चरण में नर्मदा नदी के दोनों तटों पर पांच-पांच किलोमीटर तक शराब की दुकानें एक अप्रैल से बंद कर दी गयी हैं। अगले चरण में अब रिहायशी इलाकों, शिक्षण संस्थाओं और धार्मिक स्थलों के पास शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी।’ चौहान ने जोर देकर कहा था कि मध्यप्रदेश में नशामुक्ति का आंदोलन चलेगा।
अहातों पर फैसला सीएम करेंगे:
शराब अहातों को बंद करने को लेकर फैसला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। उन्होंने अपने रेडियो कार्यक्रम 'दिल से में शराब अहाते बंद करने की घोषणा की थी, लेकिन वित्त मंत्री जयंत मलैया ने इन अहातों liquor ban in mp latest news in hindi को बंद करने की बजाय इनके बार स्टाइल में सुविधायुक्त बनाने की बात कही थी।
उनका तर्क था कि महिलाओं ने विरोध किया कि अहाते बंद होने से लोग खुले में शराब पीएंगे। अब फैसला कैबिनेट में सीएम स्तर पर होगा। फिलहाल कैबिनेट में ऑफलाइन नीलामी वाले 149 अहातों को बंद करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
पूर्ण शराब बंदी क्यों नहीं :
सरकार शराब बंदी को लेकर आश्वासन तो अनेक देती रही है लेकिन इस पर ठोस निर्णय से बचती रही है। सिंहस्थ के समय तीर्थ क्षेत्रों को शराब मुक्त करने की बात आई। फिर नदियों के किनारे शराब बंदी की बात कही गई।
शहरों में धार्मिक स्थलों के आसपास रोक लगाने की बात हुई। लेकिन इन सभी स्थानों पर सख्त कभी कार्रवाई नजर नहीं आई। जरूरत पूर्ण शराब बंदी liquor ban की है। ड्राय जोन की सीमाएं बहुत छोटी होंगी। और इन्हीं सीमाओं को कार्रवाई न करने के बहाने के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। निर्णय ठोस करें और उस पर अमल भी सख्त हो।
ये भी रहेंगे प्रस्ताव...
- मनोरंजन कर नगर निकाय के हाथों में।
- भोपाल के अंतर्गत लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रमों योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन का प्रस्ताव।
- मध्यप्रदेश नगरपालिका विधि अध्यादेश 2018।
- नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधीन राजधानी परियोजना प्रशासन
-विदेशों में शिक्षा के लिए अनुसूचित जनजाति छात्रों कि छात्रवृत्ति योजना मे आय सीमा बढ़ाकर 6 लाख से 10 लाख करने का प्रस्ताव।
-मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना 2017-18 से 2019-20 तक निरंतर चालू रखने का प्रस्ताव।
-भोपाल में भारत माता परिसर निर्माण के लिए नगर निगम को भूमि आवंटन करने का प्रस्ताव।
ये हुए फैसले
कैबिनेट बैठक में आबकारी नीति मंजूर कर ली गई है।
शाम को अब कैबिनेट की बैठक खत्म हुई। सीएम की तबियत के चलते देरी से शुरू होने के कारण कैबिनेट लेट हो गई। आबकारी नीति के साथ ही अजा वर्ग को विदेश शिक्षा के लिए 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख सहायता कर दी गई है।
ये रहा खास...
1. ड्राय जॉन को मंजूरी।
2. 149 अहाते होंगे बंद।