
भोपाल। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कक्काजी ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों से पहले सौ रुपए के स्टांप पेपर पर यह लिखा कर लें कि वे कर्ज माफ करेंगे, इसके बाद उनका समर्थन करें। किसी पर आंख मूंदकर भरोसा करना ठीक नहीं।
कक्का जी रविवार को भोपाल के कलियासोत एडवेंचर ग्राउंड में अन्नदाता किसान यात्रा और सम्मान सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगडिय़ा सहित पचास किसान प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया।
किसान नेता कक्का जी ने किसानों पर यह कर्ज कोई एक दिन में नहीं लद गया। बल्कि सरकार की गलत नीतियों और फसल का वाजिब दाम नहीं मिलने से किसान कर्जदार हो गया।
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने लिखा था कि रोटी को उलटते-पलटते रहना चाहिए नहीं जो रोटी जल जाएगी। सालों तक कांग्रेस की रोटी नहीं पलटी तो जल गई, 15 साल ये भाजपा सरकार को झेलना पड़ रहा है। अन्नदाता अधिकार यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह जन आंदोलन था और 8000 किलोमीटर की यात्रा तय कर रविवार को पूरी हुई है।
हमने 21 सूत्रीय हमारी मांगें उठाईं हैं, इसमें मंदसौर गोलीकांड में 7 हजार किसानों पर लगाए गए मुकदमे वापस लेने और बरेली के मारे गए किसान की घोषणा अनुसार शहीद का दर्जा देकर प्रतिमा स्थापित करने की मांग शामिल है। इस सरकार को इतने सालों बाद भी बरेली में शहीद किसान की प्रतिमा लगाने के लिए जगह नहीं मिली है।
भूमि अधिग्रहण कानून को बदले जाने की मांग उठाते हुए कक्का जी ने कहा, पहले भूमि स्वामी और स्थानीय निकायों से सहमति लेने का प्रावधान था, इसे मोदी सरकार ने खत्म कर दिया। भाजपा शासित राज्यों ने इस अन्यायकारी कानून को लागू भी कर दिया है।
भगोड़ों को बिना गारंटी लोन, किसानों की जमीन गिरवी: तोगडिय़ा
विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगडिय़ा ने कहा, देश का पैसा लेकर भागे कारोबारियों को बिना गारंटी के लोन मिला था। लेकिन बैंक किसानों को कर्ज देने के बदले जमीन गिरवी रखते हैं। यह साजिश के तहत किया जा रहा है।
किसान को खेती से दूर करने और मजदूर बनाने का पाप सरकारें लगातार कर रही हैं। किसानों से अपील की कि जो पार्टी कर्जमुक्ति और स्वामीनाथन की रिपोर्ट स्वीकार नहीं करे तो उसे वोट नहीं देने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि सभी सरकारों ने किसानों के साथ धोखा किया। सरकार की गलत नीतियों के कारण 3 लाख 10 हजार किसानों ने आत्महत्या की है। तोगडिय़ा ने कहा तुम्हारा पाप हमारा कर्ज है। अब यह बर्दाश्त नहीं होगा।