भोपाल

‘मीनाक्षी नटराजन केस में रिटायर्ड जज ने संविधान के आर्टिकल 220 का किया उल्लंघन’, कांग्रेस विधायक ने लगाए आरोप

Congress MLA alleges Retired judge violated Constitution: कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने वाले मामले में रिटायर्ड जस्टिस पर संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाया।
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Updated: 15 Jun 2026, 9:01 PM IST
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Meenakshi Natarajan Nomination row- कांग्रेस विधायक ने रिटायर्ड जस्टिस रोहित आर्य पर लगाए संविधान उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप (फोटो सोर्स- Jayvardhan Singh X Handle)

Meenakshi Natarajan Nomination row: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Elections) के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने को लेकर शुरू हुए विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। मामले को लेकर अब कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह (Congress MLA Jayvardhan Singh) ने एक वीडियो जारी किया है। सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर जयवर्धन ने भाजपा के तीसरे प्रत्याशी महेश केवट के ओर से अधिकृत आपत्तिकर्ता व्यक्ति जस्टिस रोहित आर्य (Retired judge Rohit Arya) पर संविधान के अनुच्छेद 220 के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

विधायक का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर भी कांग्रेस आपत्ति दर्ज करेगी। बता दें कि, नामांकन भरने की आखरी तारीख 8 जून के अगले दिन 9 जून को भोपाल में रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने कांग्रेस प्रत्याशी का मीनाक्षी नटराजन का नामांकन को निरस्त कर दिया था। भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आपत्ति जताई थी कि उन्होंने उनपर चल रहे एक आपराधिक मामले का उल्लेख नामांकन में नहीं किया था जो सीधा सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के खिलाफ है।

रिटायर्ड जस्टिस रोहित आर्या ने किया संविधान का उल्लंघन - कांग्रेस विधायक

राघोगढ़ से विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय के बेटे जयवर्धन सिंह निर्वाचन अधिकारी द्वारा मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को निरस्त करने वाले आदेश की कॉपी के साथ एक अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि 'राज्यसभा चुनाव में निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी आदेश में भाजपा के तीसरे प्रत्याशी की ओर से अधिकृत आपत्तिकर्ता व्यक्ति में 'जस्टिस रोहित आर्या' का नाम लिखा हुआ हैं।'

जयवर्धन ने आरोप लगाते हुए कहा कि 'जस्टिस रोहित आर्या मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं और रिटायर्ड जस्टिस आर्या ने राज्यसभा निर्वाचन अधिकारी के समक्ष भाजपा प्रत्याशी की ओर से आपत्तिकर्ता बनकर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 220 का उल्लंघन किया हैं।' उन्होंने आगे कहा कि 'हमारे संविधान के अनुच्छेद 220 में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि कोई भी सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अपने ही गृह राज्य में कोई भी ऐसे केस के लिए अपीयर नहीं हो सकते।'

कांग्रेस दर्ज करेगी आपत्ति

कांग्रेस विधायक ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा लोकतंत्र की हत्या कर सीट चोरी किस तरह से की गई हैं कि एक अनाधिकृत, अपात्र व्यक्ति भाजपा प्रत्याशी की ओर से आपत्तिकर्ता बनता हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम इस पर आपत्ति दर्ज करेंगे। विधायक ने आगे भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि 'राहुल गांधी हर सभा में कह रहे है कि देश में तानाशाही का माहौल हो गया है, संविधान खतरे में है। संविधान के आधार पर जो रिटायर्ड जस्टिस के लिए भी जो नियम बनाए गए हैं, उसका पालन नहीं किया जा रहा है। यह इसी बात का उदाहरण है।'

Updated on:
15 Jun 2026, 9:01 PM IST
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