
Monsoon 2026 in MP: मध्य प्रदेश में प्री मानसून एक्टिविटीज जारी हैं। कभी बारिश, आंधी का दौर चल रहा है, तो कहीं ओलावृष्टि या गरज-चमक की घटनाएं हो रही हैं। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश के आसपास मानसूनी बारिश की दस्तक देने वाली कई मौसम प्रणालियों का सिस्टम कुछ कमजोर पड़ा है। जिससे गर्मी एक बार फिर परेशान कर सकती है। वहीं मानसून महाराष्ट्र पर है। जल्द ही छत्तीसगढ़ के बाद मध्य प्रदेश के जबलपुर से मानसूनी बारिश की एंट्री होगी। मानसून 2026 की खबर के इस ताजा अपडेट में जानें आपके शहर में किस दिन हिट कर सकता है Monsoon 2026:
उधर एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव (Monsoon 2026 New Western Disturbance) होने से 11 और 12 जून को देश के उत्तर पश्चिमी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 50-60 किमी की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई है। वहीं अगले 7 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी यानी 7-20 सेमी तक बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
जबलपुर के रास्ते बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन में होगी सबसे पहले बारिश
मध्य प्रदेश में मानसून (Monsoon 2026 in MP latest Update )की आमद अब 14 जून से मानी जा रही है। यहां 14-16 जून के बीच मानसून की एंट्री कर सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान समय में मानसून समय से कुछ पीछे हो चला है। वहीं मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की एंट्री 15 जून के बाद ही संभव होगी।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री जबलपुर संभाग से होती है। इस बार भी ऐसा ही होने वाला है। हालांकि बदलती मौसमी परिस्थितियों के कारण मानसून एंट्री का यह सिर्फ पूर्वानुमान है, जो मौसमी प्रणालियों और चक्रों से प्रभावित होती हैं। जो मानसून की आमद प्रभावित कर सकती हैं। एमपी के जिलों में मानसून की एंट्री का पूर्वानुमान-