
MP Cabinet: मध्य प्रदेश कैबिनेट मीटिंग थोड़ी देर में शुरू होगी। सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस मीटिंग में आज मंत्री सीएम से तबादला तारीख बढ़ाने की मांग कर सकते हैं। दरअसल प्रदेश में 1 जून से कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादलों से प्रतिबंध हटाया गया, जो सोमवार 15 जून को समाप्त हो गया। जीएडी की तबादला नीति के तहत इस बार तबादला आदेश ई-ऑफिस के माध्यम से ऑनलाइन जारी किए गए। निर्धारित समय सीमा के बाद जारी होने वाले तबादलों को लेकर साफ था कि ये आदेश मान्य नहीं होंगे। बता दें कि पिछली कैबिनेट बैठक में भी मंत्री तबादलों की अंतिम तारीख बढ़ाने को लेकर सीएम से मांग कर रहे थे। लेकिन तब सीएम मोहन यादव ने दो टूक कहा था कि तबादलों की अंतिम तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी। जो भी तबादले करने हैं तय समय-सीमा में ही करें।
1 जून से 15 जून तक की 15 दिन की अवधि के दौरान प्रदेश में अब तक 15 हजार तबादले (MP Cabinet transfer Date) किए जा चुके हैं। ये तबादले 54 विभागों में किए गए। अंतिम दिन देर रात तक भी विभागों में तबादला सूचियां जारी की जाती रहीं। लोक निर्माण विभाग में करीब 100 इंजीनियरों के तबादले किए गए। 150 सब इंजीनियरों की सूची तैयार की गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में 66 और वित्त सेवा के 68 अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए गए।
बताते चलें कि 20 मई को मध्य प्रदेश की नई तबादला नीति जारी की गई थी। तबादलों के लिए कुल 26 दिन मिले। वन, खनिज, जनसंपर्क, एनवीडीए और गृह विभाग के तबादलों को सीएम ने नीति के अनुरूप स्वयं ही अनुमोदित किया। वहीं आनंद, लोक सेवा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, विधि और उद्योग विभाग में इस अवधि के दौरान कोई तबादला नहीं किया गया। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की तबदला सूची स्थानांतरण नीति के दायरे में नहीं थी। इसके बावजूद सोमवारो को उनके तबादलों को भी मंजूरी दी गई।
संयुक्त कलेक्टर से अपर कलेक्टर बने अधिकारियों की नई पदस्थापना और 3 साल से एक ही जगह पदस्थ डिप्टी और संयुक्त कलेक्टरों के तबादले मंजूर किए गए। इनकी सूची जल्द जारी की जाएगी।
मंत्रियों की ओर से मंगलवार को होने होने वाली कैबिनेट बैठक में तबादलों की समय सीमा बढ़ाने की मांग की जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि यह एक दिन और बढ़ाई जा सकती है।
-निजी और सामाजिक संस्थाओं को प्रोत्साहन मिलेगा
- स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति 2026, स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अहम फैसला हो सकता है
- अस्पतालों के विस्तार को लेकर सहायता
इधर राजस्व विभाग में पटवारियों के अंतर जिला तबादलों की प्रक्रिया भी अंतिम दिन तक जारी रही।
नई व्यवस्था के तहत जिला आवंटन के बाद जिले के भीतर पदस्थापना का अधिकार संबंधित कलेक्टर को दिया गया है। आदेश जारी होने के 15 दिन के भीतर नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा। हाल ही में 119 राजस्व निरीक्षकों को कार्यवाहक नायब तहसीलदार बनाकर नए जिलों में पदस्थ किया गया है। स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए। गंभीर बीमारी, पति-पत्नी नीति और ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्त पदों को भरने के आधार पर तबादला सूचियां जारी की गई। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के जिले के भीतर तबादले प्रभारी मंत्रियों की अनुशंसा
और कलेक्टरों के माध्यम से किए गए।
गृह विभागः करीब 3,500 तबादले पुलिस तबादला बोर्ड की अनुशंसा पर किए गए। इनमें आरक्षक, सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई), उपनिरीक्षक (एसआई), थाना प्रभारी (टीआई) और डीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
राजस्व विभागः 4,500 से अधिक तबादले। इनमें पटवारी, राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार और तहसीलदार शामिल हैं। 119 राजस्व निरीक्षकों को कार्यवाहक नायब तहसीलदार बनाकर नए जिलों में पदस्थ किया गया।
स्वास्थ्य विभागः लगभग 2,500 तबादले किए गए। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी दूर करने के लिए यह प्रक्रिया की गई। इनमें विशेषज्ञ चिकित्सक, एएनएम, नर्सिंग स्टाफ और लैब टेक्नीशियन शामिल हैं।
स्कूल शिक्षा विभागः 5,500 से अधिक प्रशासनिक तबादले। इनमें प्राचार्य, व्याख्याता, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। शिक्षकों के तबादलों के लिए पोर्टल-3 को 19 से 23 जून तक खोलने की तैयारी है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागः 1,500 से अधिक तबादले किए गए। जनपद पंचायत सीईओ, पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों की पदस्थापनाएं बदली गईं।
अन्य विभागों में वन, आबकारी, कृषि तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों में जिला और संभाग स्तर पर करीब 4,000 पदों पर तबादले और नई पदस्थापनाएं की गईं।