भोपाल

राज्यसभा चुनाव में क्या होगा खेला? भाजपा के तीसरे उम्मीदवार की अटकलों से कांग्रेस अलर्ट

MP Rajya Sabha Election 2026- भाजपा ने दो और कांग्रेस ने एक उम्मीदवार राज्यसभा के लिए घोषित किया है। लेकिन, कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग और भाजपा के संभावित तीसरे उम्मीदवार का डर सता रहा है। जानिए पूरा राजनीतिक गणित।

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Jun 05, 2026
MP Rajya Sabha Election 2026
मध्यप्रदेश में एक बार फिर राज्यसभा चुनाव की हलचल तेज है...। (विजुअल एआई जनरेटेड)

Madhya Pradesh Rajya Sabha Election-मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर गहमागमी इसलिए तेज हो गई है क्योंकि भाजपा ने देर शाम को अपने दो उम्मीदवार घोषित कर दिए। थोड़ी ही देर बाद कांग्रेस ने भी अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। 21 जून को खाली होने वाली सीटों में दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस की तय है। भाजपा मजबूत स्थिति में है और कांग्रेस को थोड़ा डर भी है। कांग्रेस का डर लाजिमी है कि एक सीट को भी भाजपा क्रॉस वोटिंग के जरिए छीन न ले।

भाजपा ने कई वर्षों से सक्रिय प्रदेश महामंत्री और प्रखर प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल पर भरोसा जताया है। हालांकि अमृतसर के रहने वाले तरुण चुघ को भी मध्यप्रदेश के रास्ते राज्यसभा में ले जाया जा रहा है। कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की करीबी मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा में भेजने की तैयारी की है।

अब आगे क्या है खतरा

मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या 230 है। इसमें भाजपा 164 विधायकों के साथ जमी है और कांग्रेस के पास 65 विधायक ही हैं। इसी गणित के आधार पर दो सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस जीत पाएगी। लेकिन, पहले से ही एक खतरा कांग्रेस के सिर पर मंडरा रहा है। वो है क्रॉस वोटिंग का। क्योंकि पिछले कुछ समय से चल रही उठा-पटक के कारण कांग्रेस के 65 में से तीन विधायक वोट नहीं डाल पाएंगे। ऐसी स्थिति में तीन वोट कम हो जाने के कारण कांग्रेस विधायकों की संख्या 62 हो गई। यहां कांग्रेस को अपनी एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों के वोटों की जरूरत है। यदि चार वोट भी क्रॉस वोटिंग में इधर-उधर हो गए तो कांग्रेस के हाथ से यह तीसरी सीट खिसक सकती है।

भाजपा अचानक चल सकती है दांव

फिलहाल भाजपा ने दो ही उम्मीदवारों की घोषणा की है। यदि भाजपा अचानक तीसरा उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर देती है तो कांग्रेस के सामने क्रॉस वोटिंग का खतरा बढ़ जाएगा। यही कारण है कि कांग्रेस अभी से अपने विधायकों को सुरक्षित करने के लिए रिसॉर्ट पालिटिक्स का रास्ता अपनाने वाली है। सभी विधायकों को वोटिंग तक एक साथ रखेगी। क्योंकि पहले भी ऐसा हो चुका है जब कांग्रेस के कई नेता टूटकर भाजपा के खेमे में आ गए थे। सभी की निगाह भाजपा के उस फैसले पर लगी है यदि वो अचानक तीसरा उम्मीदवार ले आती है।

तब गर्मा सकती है राजनीति

कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक उन्हें भी डर है कि भाजपा अचानक कोई खेला कर सकती है। इसलिए अभी से ही प्लान बी पर भी तैयारी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक ऐसी स्थिति में कांग्रेस भी बड़ा गेम चल सकती है। कोई बड़े नेता को भी उतार सकती है, जिससे कांग्रेस के भीतर भी सभी सहमत हों।

ये तीन सीटें हो रही हैं खाली

21 जून को मध्यप्रदेश से राज्यसभा में गए सुमेर सिंह सोलंकी, केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन की सीट खाली हो रही है। इसके साथ ही कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का कार्यकाल भी 21 जून को समाप्त हो रहा है। दिग्विजय सिंह ने पहले ही कह दिया था कि वे दोबारा राज्यसभा चुनाव में नहीं जाएंगे। इसलिए इस बार मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया गया है।

एमपी से 11 सांसद हैं राज्यसभा में

कांग्रेस के दिग्विजय सिंह, भाजपा के सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो जाएगा। इनके अलावा मध्यप्रदेश से भाजपा की कविता पाटिदार, कांग्रेस के विवेक तन्खा, भाजपा की सुमित्रा वाल्मिक, बाल योगी उमेशनाथ, एल मुरुगन, बंशीलाल गुर्जर, माया नारोलिया और कांग्रेस के अशोक सिंह वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं।

Updated on:
05 Jun 2026 01:20 pm
Published on:
05 Jun 2026 11:35 am