
मध्य प्रदेश के लिए साल 2023 विधानसभा का चुनावी साल है। ऐसे में प्रदेशभर के नेताओं के बीच दल बदल का सिलसिला भी जोरों पर है। एक तरफ बुधवार को प्रदेश सरकार राज्य के इस सत्र का आखिरी बजट पेश कर रही है तो वहीं, दूसरी तरफ सत्ताधारी दल भाजपा को बड़ा झटका लगा है। भारतीय जनता पार्टी की टेंशन बढ़ाने वाली खबर बेतूल जिले से है, जहां मुलिताई नगर पालिका अध्यक्ष अपने साथ सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं को लेकर भाजपा का दामन छोड़ कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गईं हैं।
आपको बता दें कि, जिले के अंतर्गत आने वाले मुलताई नगर पालिका की अध्यक्ष नीतू परमार भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गई हैं। उनके साथ बैतूल जिले के करीब 200 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली है। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के हाथों मुलताई नगर पालिका अध्यक्ष नीतू परमार ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ली है।
पुर्व मंत्री सुखदेव पांसे के नेतृत्व में हुईं कांग्रेस में शामिल
ये भी जान लें कि, नीतू परमार ने नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव भाजपा से बागी होकर लड़ा था। वो बतौर निर्दलीय नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव जीती थीं। कांग्रेस और भाजपा के बागी पार्षदों के समर्थन से चुनाव जीती थी। बताया जा रहा है कि, नीतू परमार मुलताई विधायक और पुर्व मंत्री सुखदेव पांसे के नेतृत्व में कांग्रेस में शामिल हुईं हैं। उनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भी कमलनाथ के हाथों कांग्रेस की सदस्यता ली है।
पूर्व मुख्यमंत्री से कई मुद्दों पर हुई चर्चा
कांग्रेस नेता सुमित शिवहरे के अनुसार, बुधवार की सुबह नीतू परमार अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ मुलताई से भोपाल आईं। यहां भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से उनकी मुलाकात हुई और कई मुद्दों पर चर्चा हुई। नीतू परमार अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गई हैं।
भाजपा के टिकट पर लड़ कर जीता था चुनाव
नीतू परमार ने नगर पालिका चुनाव में भाजपा की टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ा था और विजय हासिल की थी। इसके बाद भी भाजपा से बागी हो गईं और उन्होंने अध्यक्ष का चुनाव लड़ा और उन्होंने इस में जीत हासिल की। तभी से उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।