MP in 2025: बीते साल के आंकड़ों और सरकारी परियोजनाओं का विश्लेषण करने बाद पता चलता है कि साल 2025 में मध्यप्रदेश इन क्षेत्रों में देश का नंबर-1 राज्य बन सकता है।
MP in Year 2025: साल 2025 में मध्य प्रदेश कई क्षेत्रों में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है। राज्य में रोजगार के नए अवसर और निवेश की संभावनाए बढ़ने की उम्मीद भी लगाई जा रही है। बीते साल के आंकड़ों और सरकारी परियोजनाओं का विश्लेषण करने बाद पता चलता है कि साल 2025 में मध्यप्रदेश इन क्षेत्रों में देश का नंबर-1 राज्य बन सकता है। आइए जानते है कि वह कौनसे क्षेत्र है जहां मध्य प्रदेश अव्वल बन सकता है।…
मध्य प्रदेश 2025 तक भारत के कृषि क्षेत्र में अव्वल बनने की दिशा में लगातार तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य पहले ही गेहूं, सोयाबीन और दालों का प्रमुख उत्पादक है और अब फसलों में विविधता लाने, बागवानी फसलों और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है। जल प्रबंधन के क्षेत्र में नर्मदा घाटी परियोजना और सूक्ष्म सिंचाई योजनाएं खेती को अधिक कारगर बना रही हैं। स्मार्ट खेती के लिए AI और सैटेलाइट मॉनिटरिंग का उपयोग किसानों को बेहतर पैदावार हासिल करने में मदद कर रहा है।
सरकार की ओर से एग्रो प्रोसेसिंग उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं, जिससे रोजगार भी बढ़ रहा है। ये बताता है कि जिस तेजी से प्रदेश में कृषि क्षेत्र का विकास हो रहा है उससे साल 2025 में मध्य प्रदेश सभी राज्यों से आगे दिखाई दे सकता है।
मध्य प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा, विशेष रूप से सौर के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। 750 मेगावाट की क्षमता वाली रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना, स्थायी ऊर्जा के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। इसके अंतर्गत एमपी में कई बड़े-छोटे सोलर प्लांट्स को स्थापित करने का काम किया जा रहा है। इसमें सबसे बड़ा योगदान देश की पहली फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट है जो ओंकारेश्वर में शुरू हो चुकी है।
राज्य सरकार अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो में स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं (Renewable Energy Projects) में सक्रिय रूप से निवेश की मांग कर रही है। यह पहल न केवल पर्यावरण संबंधी चिंताओं को संबोधित करती है बल्कि एमपी को बाकी राज्यों से आगे भी रखती है।
330 औद्योगिक पार्कों और एक विशाल सड़क नेटवर्क सहित एक मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ, मध्य प्रदेश एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनने के लिए तैयार है। राज्य ने 2025 को "उद्योग का वर्ष" घोषित किया है और ऑटोमोटिव, फार्मास्यूटिकल्स (pharmaceuticals) और टेक्सटाइल जैसे प्रमुख उद्योगों पर ध्यान केंद्रित करते हुए मासिक क्षेत्रीय एक्सपो आयोजित करने की योजना बनाई है।
मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र ने अच्छी वृद्धि दिखाई है। साल 2023-24 में इस क्षेत्र में 7.4% की वृद्धि देखी गई है। इसमें अहम योगदान रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव भी दे रहा है जिसने एमपी के विभिन्ना क्षेत्रों में अब तक 2 लाख करोड़ रूपए से अधिक कानिवेश अर्जित किया है। यह सिलसिला साल 2025 में भी कायम रहने की उम्मीद लगाई जा रही है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा 2025 के लिए शीर्ष वैश्विक गंतव्य के रूप में मान्यता प्राप्त, मध्य प्रदेश में समृद्ध विरासत स्थल, विविध वन्यजीव और सुंदर परिदृश्य हैं। राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे और प्रचार गतिविधियों में निवेश कर रही है, जिसका लक्ष्य घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों आगंतुकों को आकर्षित करना है। एमपी को इसके अलावा ट्रैवल एंड टूरिज्म कॉन्क्लेव में "वर्ष का सर्वश्रेष्ठ पर्यटन राज्य" का पुरस्कार भी मिल चुका है।
राज्य में लगातार धार्मिक पर्यटन और ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने हाल ही में 40 ऐसे क्षेत्रों को चिंहित किया है जहां पर्यटन लेकर संभावनाएं है लेकिन उन जगहों को ज्यादा लोग जानते नहीं है। इसके अलावा प्रमुख मंदिरों के पास महाकाल लोक की तरह भव्य एवं सुंदर लोकों का निर्माण भी हो रहा है। साल 2023 के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में कुल 11 करोड़ 21 लाख पर्यटक आए थे जिनमें 5 करोड़ से अधिक उज्जैन पहुंचे थे।